दुमका में मदारी भालू छोड़कर हुआ फरार, वन विभाग ने किया रेस्क्यू
दुमका के शिकारीपाड़ा में मदारी भालू को पेड़ से बांधकर फरार हो गया. वन विभाग ने रेस्क्यू कर भालू को कब्जे में लेकर डिपो में सुरक्षित रखा और जांच शुरू की.

Dumka, Jharkhand : दुमका जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड के एक गांव में मदारी भालू को लेकर पहुंचा था. जब उसे पता चला कि वन विभाग की टीम आने वाली है तो वह भालू को एक पेड़ से बांधकर भाग निकला. फिलहाल भालू को फॉरेस्ट विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है और उसे दुमका वन क्षेत्र के डिपो में रखा गया है. यह घटना शिकारीपाड़ा प्रखंड के मंझलाडीह गांव में शुक्रवार शाम ग्रामीणों ने देखा था कि नुरुल नाम का एक मदारी अपने दो जमूरे के साथ एक विशाल भालू को लेकर घूम रहा है. कहीं-कहीं रुक कर वह भालू का खेल भी दिख रहा था.
इसी बीच किसी ने यह सूचना वन विभाग को दे दी कि प्रतिबंधित वन्य जीव का खुलेआम खेल दिखाया जा रहा है. यह जानकारी पाकर शिकारीपाड़ा वन विभाग की टीम मंझलाडीह गांव के लिए रवाना हो गई लेकिन इस बीच मदारी और उसके साथियों को यह भनक लग गई की वन विभाग की टीम आ रही है. उन्होंने फौरन भालू को एक पेड़ से बांध दिया और मौके से फरार हो गए.
इधर शिकारीपाड़ा के वन अधिकारी तारणी मंडल जब मौके पर पहुंचे तो भालू को पेड़ से बंधा पाया. इसकी सूचना वरीय अधिकारी को देने पर दुमका से एक बड़ा पिंजरा गांव भेजा गया. इधर पिंजरा देख भालू काफी उग्र हो गया. उसे पिंजरे में डालने में चार से पांच घंटे का वक्त लग गया. फिलहाल इसे दुमका के वन विभाग के डिपो में लाकर रखा गया है. साथ ही उस मदारी के ऊपर एफआईआर करने की प्रक्रिया चल रही है.
इस पूरे मामले पर शिकारीपाड़ा प्रखंड के वन विभाग अधिकारी तारणी मंडल ने बताया कि काफी मशक्कत के बाद भालू को पिंजरे में डाला जा सका. उन्होंने कहा कि इसकी सूचना वाइल्डलाइफ ऑफिसर को भेजी गई है. उनके निर्देशानुसार बहुत जल्द इस भालू को किसी चिड़ियाखाना या उपयुक्त स्थान पर भेजा जाएगा वहीं दुमका के वन प्रमंडल पदाधिकारी ने बताया कि इसका मेडिकल जांच कराया जायेगा और सभी जरूरी कारवाई की जाएगी ताकि वन्य जीव प्राणी को संरक्षित रखा जा सके इन्होंने अपील किया कि वन्य जीव प्राणी को वैसे ही रहने दिया जाय जिससे वातावरण और पर्यावरण दोनों सामान्य बना रहे .
(दुमका से विजय तिवारी की रिपोर्ट)
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