मानसरोवर तालाब पर स्थानीय ने जताया अधिकार : हाई कोर्ट ने दिए जांच के आदेश
प्रचलित मानसरोवर तालाब के कुछ हिस्से को लेकर स्थानीय अरुण सिंह ने अपना दावा प्रस्तुत किया है. HC के आदेश के बाद एसडीएम व सीओ ने किया औचक निरीक्षण. कहा फैसले का करना होगा अभी इंतजार.

गिरिडीह : झारखंड उच्च न्यायालय के आदेशानुसार एसडीएम श्रीकांत यशवंत और सीओ जीतेन्द्र प्रसाद मामले की जांच करने पहुंचे. मामला गिरिडीह के चर्चित मानसरोवर तालाब का है. स्थानीय निवासी अरुण सिंह ने दावा किया है कि तालाब का कुछ हिस्सा उनके नाम पर है.
करना होगा HC के फैसले का इंतजार
हालांकि शनिवार को सदर एसडीएम और सदर अंचल के सीओ ने उक्त मामले की जांच की. लेकिन अभी नतीजा स्पष्ट नहीं किया गया है. अधिकारियों ने कहा कि उच्च न्यायालय का फैसला आने तक इंतजार करना होगा.
अरुण ने डाली थी HC में अर्जी
तालाब विसर्जन समिति के सचिव निरंजन गुप्ता और रॉकी सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि तालाब के समीप रहने वाले अरुण सिंह ने प्लॉट पर अपना दावा प्रस्तुत कर रखा है. बताया कि उच्च न्यायालय में अर्जी भी अरुण सिंह ने ही डाली थी.
निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने बताया कि जांच की रिपोर्ट उच्च न्यायालय को भेजी जाएगी.
कई भू-माफियाओं का दावा किया जा चुका है खारिज
बताते चलें कि इसके पूर्व भी कई बड़े भूमाफियाओं ने मानसरोवर तालाब पर अपना हिस्सा होने का दावा किया हुआ है. उच्च न्यायालय ने पहले भी लोगों के दावे को खारिज किया है. इस नाते लोगों को उम्मीदें हैं कि फैसला जनबाहुल्य के पक्ष में ही लिया जाएगा.
प्रतिमा विसर्जन देखने को जुटती है हर साल भीड़
स्थानीय से मिली जानकारी के मुताबिक उक्त तालाब में कई धार्मिक अनुष्ठान के साथ दो सौ से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन प्रत्येक वर्ष किया जाता है. वहीं दशहरा के समय भी दूर-दराज से लोगों की भीड़ मूर्ति विसर्जन का आनंद लेने के लिए यहां इकट्ठी होती है.
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