मुंगेर में तस्करों की गाड़ी रोकते ही खुला ‘खाकी कनेक्शन’! ASI समेत 4 पुलिसकर्मी गिरफ्तार
मुंगेर में पशु तस्करी के खिलाफ हुई कार्रवाई ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया, जब जांच के दौरान पुलिस को कुछ ऐसे कनेक्शन मिले, जिनकी उम्मीद शायद किसी ने नहीं की थी। अब मामले में कई गिरफ्तारियां हुई हैं और जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है।


मुंगेर: मुंगेर में पशु तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान पुलिस को कुछ ऐसा सुराग मिला, जिसने पूरे मामले का रुख ही बदल दिया। जिस नेटवर्क की तलाश तस्करों तक पहुंचने के लिए की जा रही थी, उसकी कड़ी पुलिस महकमे के कुछ कर्मचारियों से जुड़ती नजर आई। इसके बाद एक ASI समेत चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, इन कर्मचारियों पर पशु तस्करों के संपर्क में रहने और मवेशियों से लदे वाहनों को आगे निकालने में मदद करने का आरोप है। अब जांच इस बात पर चल रही है कि यह कथित सांठगांठ कितने समय से चल रही थी और इसमें सिर्फ चार लोग शामिल थे या नेटवर्क और बड़ा है।
ट्रक में ठूंसकर ले जाई जा रही थीं भैंसें, यहीं से शुरू हुई जांच
पूरे मामले की शुरुआत जिला सूचना इकाई (DIU) को मिली एक गुप्त सूचना से हुई। सूचना के बाद टीम ने मुंगेर-जमालपुर मुख्य मार्ग पर बिंदवारा मोड़ के पास वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोका गया। तलाशी ली गई तो उसके अंदर करीब 35 से 36 भैंसें मिलीं। पुलिस ने बताया कि मवेशियों को बेहद खराब और क्रूर तरीके से ट्रक में लादा गया था। मौके से तीन संदिग्ध पशु तस्करों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उन्होंने मवेशियों को खगड़िया ले जाने की बात बताई। इसके बाद पुलिस ने उनकी गतिविधियों और संपर्कों की पड़ताल शुरू की।
मोबाइल की जांच ने पुलिस को पहुंचाया अपने ही विभाग तक
गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की गई। यहीं से मामले में नया मोड़ आया। पुलिस के अनुसार, तस्करों के कुछ पुलिसकर्मियों से लगातार संपर्क में होने के संकेत मिले। तकनीकी जांच में ट्रैफिक थाना, मुफस्सिल थाना और दूसरे थानों में तैनात कुछ पुलिसकर्मियों के साथ बातचीत सामने आने की बात कही गई। पुलिस का दावा है कि तस्करों के साथ लोकेशन और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी साझा किए जाने के भी सबूत मिले। जांच आगे बढ़ी तो एक ASI समेत चार पुलिसकर्मियों की कथित भूमिका सामने आई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद के निर्देश पर चारों को गिरफ्तार कर लिया गया।
अब तस्करों से ज्यादा बड़े नेटवर्क की तलाश
चार पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तस्करी का यह नेटवर्क कब से सक्रिय था और मवेशियों से लदे वाहनों को रास्ता देने में और कितने लोगों की भूमिका थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में जिस किसी की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस पूरे मामले में तस्करों और पुलिसकर्मियों के बीच कथित कनेक्शन ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था, तो इसकी जड़ें आखिर कितनी गहरी हैं?

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