JPSC Scam : रांची के हरिओम टावर और होटलों में चलता था खेल, 100 से ज्यादा अभ्यर्थियों को OMR बदलकर कराया पास!
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ी और फर्जीवाड़े की जांच कर रही सीआईडी (CID) के निशाने पर अब दूसरे राज्यों के सॉल्वर गैंग और विषय विशेषज्ञ आ गए हैं।


JPSC Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ी और फर्जीवाड़े की जांच कर रही सीआईडी (CID) के निशाने पर अब दूसरे राज्यों के सॉल्वर गैंग और विषय विशेषज्ञ आ गए हैं। जांच में सामने आया है कि परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) ने अभ्यर्थियों के नंबर बढ़वाने के लिए उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब से एक्सपर्ट टीचरों को रांची बुलाया था। सीआईडी अब इन सभी एक्सपर्ट्स का बयान दर्ज करने की तैयारी में है और इन्हें भी मामले में आरोपी बनाया जाएगा।
होटल और किराए के कमरों में बैठकर लिखे जाते थे जवाब, 40 लाख देने की बात कबूली
मामले के मुख्य आरोपियों अभय तिवारी और हेमंत वर्मा ने सीआईडी के सामने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपियों ने बताया कि सहायक वन संरक्षक (ACF) और क्षेत्रीय वन अधिकारी (RFO) की मुख्य परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर उनके नंबर बढ़ाए जाते थे। इसके लिए रांची के हरिओम टावर सहित शहर के कई होटलों और किराए के फ्लैटों में गुप्त ठिकाने बनाए गए थे। टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह की मदद से जेपीएससी के स्ट्रॉन्ग रूम से चयनित अभ्यर्थियों की कॉपियां बाहर निकाली जाती थीं। इसके बाद बाहर से बुलाए गए प्रोफेसर्स की देखरेख में अभ्यर्थियों से खाली कॉपियां दोबारा भरवाई जाती थीं और फिर उन्हें चुपके से वापस स्ट्रॉन्ग रूम में रख दिया जाता था। आरोपी अभय तिवारी ने इस काम के लिए अकेले 40 लाख रुपये देने की बात स्वीकार की है। इस पूरे खेल में सानंद प्रकाश की भी बड़ी भूमिका सामने आई है, जिसके खिलाफ सीआईडी ने कोर्ट से वारंट ले लिया है और उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
स्कैनिंग के समय ओएमआर शीट में खेल, 100 से अधिक अभ्यर्थियों को पास कराने का आरोप
दूसरे आरोपी हेमंत वर्मा ने पूछताछ में बताया कि 14वीं जेपीएससी और एसीएफ की पीटी (प्रारंभिक) परीक्षा में भी बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया था। ओएमआर शीट की स्कैनिंग के दौरान सिस्टम में सही उत्तर भरकर अपलोड किए जाते थे। 14वीं जेपीएससी पीटी में करीब 100 अभ्यर्थियों और एसीएफ पीटी में 15 से 20 अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट में हेरफेर कर उन्हें पास कराया गया।
बड़े अधिकारियों और बिचौलियों के नाम आए सामने, जांच में जुटी सीआईडी
आरोपी के अनुसार, इस पूरे गड़बड़झाले के दौरान जेपीएससी के तत्कालीन चेयरमैन एल ख्यांगते, उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, सत्यपाल सिंह, मो. उस्मान और प्रदीप कुमार सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहते थे। सीआईडी अब इस पूरे सिंडिकेट से जुड़े सभी लोगों, बिचौलियों और अनुचित लाभ लेने वाले परीक्षार्थियों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

क्लीन चिट मिलने के बाद भी छिन गई कुर्सी!, चतरा के हेडमास्टर पर लगा चावल चोरी का झूठा आरोप, गांव की गुटबाजी का शिकार बने गुरुजी

जादूगोड़ा से पोटका तक सड़कें बनीं जानलेवा!, गड्ढों और जर्जर सड़क से आए दिन हो रहे हादसे, आंदोलन की चेतावनी







