JPSC Controversy : विधानसभा में सत्ता-विपक्ष में तीखी नोकझोंक, CBI जांच की मांग पर अड़ी BJP
झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में JPSC परीक्षा विवाद को लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए। भाजपा ने CBI जांच और मुख्यमंत्री से छात्रों के सीधे संवाद की मांग की, जबकि सरकार ने जांच, कमेटी गठन और छात्रों के हित में कार्रवाई का भरोसा दिया।

Jharkhand Legislative Assembly Monsoon Session: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी का मुद्दा सदन से लेकर बाहर तक छाया रहा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी बयानबाजी देखने को मिली। एक ओर सरकार ने छात्रों के हित में कदम उठाने का दावा किया, तो दूसरी ओर भाजपा ने पूरे मामले की CBI जांच कराने और मुख्यमंत्री से छात्रों से सीधे संवाद करने की मांग दोहराई।
'विपक्ष को बोलने का नैतिक अधिकार नहीं': शिल्पी नेहा तिर्की
राज्य की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को इस मुद्दे पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा, "इनका चाल, चलन और चरित्र अलग-अलग होता है। ये अपने स्वार्थ के हिसाब से राजनीति करते हैं। इन्हें युवाओं, उनकी पीड़ा, बेरोजगारी और शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। राज्य सरकार ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अगर हिम्मत है तो भाजपा अपने शासित राज्यों में भी ऐसी कार्रवाई करके दिखाए।"
'छात्र हमारे परिवार के सदस्य हैं': संजय यादव
मंत्री संजय यादव ने कहा कि भाजपा का काम सिर्फ आरोप लगाना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छात्रों के हितों को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
उन्होंने कहा, "छात्र हमारे परिवार के सदस्य हैं। मुख्यमंत्री ने उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए कमेटी का गठन किया है। छात्र जब भी बातचीत के लिए बुलाएंगे, सरकार उनसे वार्ता करने के लिए तैयार है।"
'जरूरत पड़ी तो राहुल गांधी भी आगे आएंगे': दीपिका पांडे सिंह
मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी देशभर में छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से उठाते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि झारखंड के कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने मुख्यमंत्री और राहुल गांधी के समक्ष छात्रों की मांगों को रखा है और सरकार जल्द इस मामले का समाधान निकालने का प्रयास करेगी।
CBI जांच की मांग पर अड़ी भाजपा
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JPSC परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की CBI जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि झारखंड ऐसा राज्य बन गया है, जहां परीक्षाएं होने के बाद परिणाम चरणबद्ध तरीके से जारी किए जाते हैं और बाद में सत्यापन होता है, जो कई सवाल खड़े करता है।
'मुख्यमंत्री खुद छात्रों से करें बात': रागिनी सिंह
भाजपा विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि अगर सरकार की नीयत साफ होती तो मुख्यमंत्री खुद आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच जाकर उनकी बात सुनते।
उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री छात्रों से बात करेंगे तो छोटे नहीं हो जाएंगे। राज्य के मुखिया होने के नाते उन्हें छात्रों की चिंताओं को सुनना चाहिए और उनके भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।"
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