बिहार विधानसभा चुनाव में JMM को सीट नहीं मिलने पर झारखंड गठबंधन के बीच तकरार !
बिहार चुनाव में सीट नहीं मिलने पर JMM नेता और मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने नाराजगी जताते हुए कहा कि गठबंधन धर्म का JMM ने हमेशा से परम कर्तव्य निभाया लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव में झारखंडी हितों और झारखंडी चेतना के साथ विश्वासघात हुआ है इसे झारखंडी नहीं भूलेंगे.

Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव में JMM (झारखंड मुक्ति मोर्चा) को सीट नहीं मिलने पर झारखंड में महागठबंधन के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई. JMM ने चुनाव के लिए सीट नहीं मिलने पर नाराजगी जताई है. पार्टी का कहना है कि गठबंधन धर्म का JMM ने हमेशा से परम कर्तव्य निभाया लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव में झारखंडी हितों और झारखंडी चेतना के साथ विश्वासघात हुआ है इसे झारखंडी नहीं भूलेंगे.
बिहार में ट्राइबल बिल्कुल नगण्य- RJD
इधर, इस संबंध में झारखंड RJD (राष्ट्रीय जनता दल) प्रवक्ता मनोज कुमार ने कहा कि हमारा झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ अटूट रिश्ता है. यह आज का रिश्ता नहीं है बल्कि लालू प्रसाद के समय का ही है. उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा एक ट्राइबल बेस्ड पार्टी है बिहार में ट्राइबल बिल्कुल नगण्य है. और चुनाव में BJP (भारतीय जनता पार्टी) को हराना था और इसके लिए तेजस्वी यादव ने पार्टी द्वारा सर्वेक्षण कराया. जिससे वहां ट्राइबल का कोई जनाधार नहीं है ऐसे में अगर उनकी हार होती तो और किरकिरी हो जाती.
कांग्रेस, JMM के संघर्षों की साथी- सतीश पॉल
वहीं, झारखंड कांग्रेस के प्रदेश मीडिया चैयरमैन सतीश पॉल मुंजनी ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा को बिहार में सीट नहीं मिलने पर हो रही नाराजगी के बाद अब कांग्रेस का कहना है कि कांग्रेस JMM के संघर्षों की साथी रही है. हम गठबंधन धर्म निभाने वाले लोग हैं जहां तक बिहार में सीट शेयरिंग की बात है तो वहां पर बड़ी भूमिका में राजद थी और कांग्रेस भी वहां अधिक सीट पर चुनाव लड़ना चाहती थी लेकिन मन-मुताबिक सीट हमें भी नहीं मिली है. जहां तक मंत्री सुदिव्य कुमार का पार्टी पर आरोप लगाने की बात रही तो कांग्रेस हमेशा से चाहती थी कि बिहार में झामुमो के साथ चुनाव लड़ा जाए. हम लोग गरीब वंचित और संविधान की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ते रहेंगे.
JMM गठबंधन की मजबूती चाहती है लेकिन...- विनोद पांडे
बता दें, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए 20 अक्तूबर 2025 (सोमवार) को नाम वापस लेने का अंतिम दिन था. जेएमएम को अंतिम दिन भी आस थी कि उन्हें सीट दिया जाएगा लेकिन सीट नहीं मिली. बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर JMM ने पहले ही 6 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की थी लेकिन नामांकन के अंतिम दिन 20 अक्तूबर 2025 तो भी किसी JMM उम्मीदवार का नामांकन नहीं किया गया. इस मामले में मंगलवार को जेएमएम महासचिव विनोद पांडे ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा गठबंधन की मजबूती चाहती है. लेकिन अब तक हमें अंधेरे में रखा गया और गुमराह किया गया है. अब आगे JMM, पार्टी की बैठक में गठबंधन पर विचार करेगी. उन्होंने कहा कि सवाल चुनाव लड़ने का नहीं है बल्कि हक अधिकार और भागीदारी का है जो हमें नहीं मिला तो अब आगे की रणनीति पर हम विचार करेंगे.
देश के आदिवासियों की मजबूत आवाज़ को दबाने की कोशिश- मंत्री
वहीं, मंगलवार शाम JMM विधायक सह झारखंड सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने प्रेस वार्ता की इस दौरान उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा ने हमेशा गठबंधन धर्म का परम कर्तव्य निभाया है, लेकिन आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में झारखंडी हितों और झारखंडी चेतना के साथ विश्वासघात हुआ है और हम झारखंड के लोग इसे भूलेंगे नहीं. हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि झारखंड मुक्ति मोर्चा एक बड़ी ताकत है, तथा झारखंड के लोगों और देश के आदिवासियों की मजबूत आवाज़ है. इस आवाज़ को दबाने की कोशिश की गई है जिसका प्रतिकार होगा.
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

बाबा वैद्यनाथ से आशीर्वाद लेने देवघर पहुंचे Assam CM Himanta, थम चुका है चुनाव प्रचार, मतदान कल

Assam: गुवाहाटी स्थित मां कामाख्या मंदिर में CM हेमंत सोरेन ने की पूजा-अर्चना






