Jharkhand Assembly budget session: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मीडिया से बात करते हुए बीजेपी नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि जमीन के मुद्दों पर सरकार राज्य के विकास के लिए नए सिरे से विचार-विमर्श करना चाहए. वहीं, सूबे के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के द्वारा झारखंड में SIR का विरोध करने की बात पर बाबूलाल मरांडी ने उन्हें करारा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस क्या चाहती है कि राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठिए अवैध रुप से वोट बने रहें.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जमीन के मामलों में पूरे झारखंड में सरकार को नए सिरे से विचार करना चाहिए. क्योंकि झारखंड में जितने भी महापुरुष पैदा हुए चाहे अंग्रेज या कांग्रेस के कालखंड में सभी ने जमीन के लिए लड़ाई लड़ी. उन्होंने कहा कि झारखंड के आदिवासी और मूलवासियों की जीविका यानी उनके कमाने खाने का एकमात्र साधन खेती होता है इसीलिए सरकार को इस बात का ध्यान देना चाहिए कि जिनका जीविकोपार्जन का एकमात्र खेती है कहीं हमें खनिज निकालना होता है तो वह जरूरी होता है. हमें उस बात का भी ख्याल रखना चाहिए कि जिसके जमीन से हम खनिज निकाल रहे हैं तो उसे जमीन के बदले उतनी ही जमीन कहीं व्यवस्था कराएं. ये कोई कठिन काम नहीं है इसपर सरकार को विचार विमर्श करना चाहिए.
चूंकि बहुत सारे वर्ग, जातियां होती है जो सरकार को खुद जमीन देना या बेचना चाहती है. जिससे वे अन्य कोई कार्य (रोजगार, बिजनेस) कर सकें. तो ऐसे में हमें उन सारी चीजों को ध्यान में रखना चाहिए, जिससे लोग उजड़े नहीं, बेघर न हो. इन सब चीजों को लेकर सरकार को हमेशा सजग रहना चाहिए. क्योंकि सरकार जनता के लिए ही काम करती है जनता की तकलीफ, दर्द को समझना चाहिए और उसका समाधान करना चाहिए.
सीएम पर निशाना साधते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री उद्यमियों को निमंत्रण देने के लिए यूरोप की यात्रा करते है लेकिन राज्य के किसानों के दर्द, तकलीफों को समझने की कोशिश क्यों नहीं करते ? सरकार को उनकी सभी समस्याओं को दूर करने की कोशिश करनी चाहिए. तभी राज्य में उद्योग-धंधे लगेंगे और उद्यमी आएंगे. उन्होंने कहा कि जिस जनता ने आपको गद्दी पर बिठाया है वहीं जनता आपको कुर्सी से भी उतार देगी. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जमीन एक बहुत संवेदनशील मुद्दा है. जमीन को लेकर झारखंड में तिलका मांझी से लेकर सिद्धू कान्हू, बिरसा मुंडा जैसे कई महान पुरूष शहीद हुए.
झारखंड में चल रही बाबू लोगों की सरकार !
सरकार कहती हैं अबुआ सरकार...अबुआ सरकार लेकिन ये तो लग रहा बाबू लोगों की सरकार है. जो यहां पदाधिकारी बैठे है वो जैसे समझा रहे सरकार वैसे ही चल रही है. सरकार उस जमीन पर जाकर देखें उन लोगों के साथ तब समझ आएगी कि उनका दर्द क्या है उनकी तकलीफें क्या है और समाधान भी वहीं से आएगा. हेमंत सोरेन पति-पत्नी अच्छे घूमते हैं कहीं ऐसा न हो कि लालू-राबड़ी की तरह आजीवन ED और CBI के जांच के घेरे में ना आ जाए वे इस बात का ध्यान रखें.
झारखंड में भी लागू होगा एसआईआर
वहीं झारखंड में SIR लागू होने की बात पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पूरे देश में SIR लागू हो चुका है कुछ राज्यों में बाकी है जिसमें से झारखंड भी है. यहां भी एसआईआर लागू होगा. यह पहली बार नहीं हो रहा है. प्रत्येक 10 वर्षों में एसआईआर हो रहा है. बाबूलाल मरांडी ने कहा एसआईआर वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण है. जिनकी मौत हो चुकी है उनका नाम वोटर लिस्ट से हटाया जाएगा. जो यहां से बाहर जाकर कहीं और शिफ्ट हो गए है उनका नाम हटेगा, जो बाहर से अवैध तरीके से झारखंड में आकर रह रहे उनका नाम भी हटाया जाएगा. तो इरफान अंसारी को इससे क्या तकलीफ हो रही है. एसआईआर इलेक्शन कमीशन का काम है. पूरे देश में सफलतापूर्वक एसआईआर लागू कर रही है. झारखंड में भी यह लागू होगा. कांग्रेस क्या चाहती है कि बांग्लादेशी घुसपैठिए यहां अवैध तरीके से वोटर बने रहें ?








