Jharkhand (Godda): महागामा नगर पंचायत में पहली बार हो रहे नगर पंचायत चुनाव ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है. अध्यक्ष पद की दौड़ में एक ऐसा चेहरा सुर्खियों में है, जिसके पास ना किसी बड़ी पार्टी का झंडा है, ना ही नेताओं की लंबी फौज लेकिन दावा है 20 हजार देवतुल्य जनता के आशीर्वाद का.
हम बात कर रहे हैं अखबार बेचने वाले प्रत्याशी दुर्गा सोरेन की. पैसा नहीं, जनता का विश्वास है दुर्गा सोरेन पिछले 20 वर्षों से घर-घर अखबार पहुंचाते रहे हैं. अब वही शख्स वोट की दहलीज पर दस्तक दे रहा है. उनका कहना है, मेरे पास पैसा नहीं है, लेकिन जनता का भरोसा है. फैसला महागामा की जनता करेगी जो रोज उनके दरवाजे तक खबर पहुंचाता था, उसे चुनेगी या बड़े-बड़े नेताओं को.
चुनावी गलियारों में चर्चा है कि दुर्गा सोरेन को किसी बड़े दल या नेता का खुला समर्थन नहीं है, फंडिंग भी नहीं. लेकिन जनसंपर्क में वे लगातार आगे हैं गली-गली, मोहल्ला-मोहल्ला जाकर वोट मांग रहे हैं. उनका दावा है कि 20 हजार लोग उनके साथ खड़े हैं. अपने अभियान में दुर्गा सोरेन अक्सर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हैं.
उनका कहना है, जब एक साधारण परिवार से उठकर कलाम साहब देश के राष्ट्रपति बन सकते हैं, तो महागामा की जनता भी एक आम आदमी को अध्यक्ष बना सकती है. पहली बार नगर पंचायत का चुनाव, और मुकाबला सीधा जमीन से जुड़े चेहरे बनाम स्थापित सियासत. अब देखना दिलचस्प होगा कि महागामा की जनता किस पर मुहर लगाती है अखबार बांटने वाले पर, या बड़े सियासी नामों पर. इस बार चुनाव सिर्फ कुर्सी का नहीं, भरोसे का है.








