झारखंड में एक बार फिर विवादों के घेरे में JET परीक्षा, एग्जाम रद्द ! BJP ने सरकार पर साधा निशाना
JET परीक्षा में बड़ी अव्यवस्था के बाद अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया. जिसके बाद झारखंड लोक सेवा आयोग ने दो विषयों की परीक्षा रद्द कर दी है, आयोग के इस ऐलान के बाद राज्य की सियासी गलियारों में सियासत तेज हो गई है.

Ranchi / Jharkhand (Report By- Mehak Mishra): झारखंड में जेट परीक्षा को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. परीक्षा में भारी लापरवाही सामने आने के बाद झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने परीक्षा रद्द करने की घोषणा कर दी है. बता दें, रांची और बोकारो के दो परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न पत्र में भारी कमी और गड़बड़ी का मामला सामने आया. जिसके बाद अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र के बाहर जमकर हंगामा किया. अब इस मामले में राज्य की राजनीतिक गलियारों में सियासी हलचल तेज हो गई है. बीजेपी ने मामले में सरकार पर निशाना साधते हुए इसे परीक्षा नहीं बल्कि मजाक बताया. वहीं बीजेपी के इन आरोपों को JMM (झारखंड मुक्ति मोर्चा) ने खारिज कर दिया है.
आपको बता दें, रविवार (26 अप्रैल 2026) को झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित JET परीक्षा में भारी अव्यवस्था सामने आई. पहला मामला राजधानी रांची स्थित जिला स्कूल परीक्षा केंद्र पर उड़िया विषय का प्रश्नपत्र इतना खराब प्रिंटेड था कि परीक्षार्थी उसे पढ़ ही नहीं सकें. पहले पेपर के बाद जैसे ही दूसरा पेपर शुरू हुआ, छात्रों ने विरोध जताना शुरू कर दिया. मामला बढ़ता देख स्कूल प्रबंधन ने जिला प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया.
जबकि दूसरा मामला बोकारो के सेक्टर-9 स्थित सरदार पटेल पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र का है जहां हालात और भी गंभीर रहा. यहां शिक्षा विषय की परीक्षा के लिए 415 अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र पहुंचे, लेकिन प्रश्नपत्र केवल 384 ही उपलब्ध थे. यानी 32 प्रश्नपत्र कम पड़ गए. जैसे ही यह बात सामने आई, अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा और केंद्र पर हंगामा शुरू हो गया. आखिरकार आयोग को यहां भी परीक्षा रद्द करनी पड़ी.
मामले में आमने सामने हुए JMM-BJP
इस संबंध में झारखंड बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार को अड़े हाथों लिया. उन्होंने सरकार पर जोरदार हमला बोला और इसे परीक्षा नहीं, मज़ाक करार देते हुए कहा कि जब वर्षों बाद परीक्षा हो रही है, तब भी ऐसी लापरवाही समझ से परे है. वहीं, सत्तारूढ़ दल झामुमो की ओर से दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की बात भी कही गई. मामले में झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता मनोज पांडेय ने बीजेपी के हमलों पर अपनी सफाई देते हुए कहा कि गड़बड़ी सामने आते ही परीक्षा रद्द कर दी गई, जो सरकार की पारदर्शिता को दर्शाता है. उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही जांच के बाद परीक्षा ली जाएगी.
हालांकि, इन सबके बीच सवाल यह है कि आखिर झारखंड में इतनी बड़ी परीक्षा में बार-बार ऐसी चूक क्यों हो रही है और क्या जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी. ताकि राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ दोबारा खिलवाड़ न हो.
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