8 साल बाद माहेश्वरी परिवार की रहस्यमयी मौत की जांच, 303 नंबर फ्लैट में फिर पहुंची जांच टीम
2018 के चर्चित माहेश्वरी परिवार सामूहिक मौत मामले में करीब आठ साल बाद दिल्ली से CFSL की टीम हजारीबाग पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्यों और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की दोबारा जांच शुरू की।


हजारीबाग: झारखंड के चर्चित माहेश्वरी परिवार की सामूहिक मौत कांड में करीब आठ साल बाद एक बार फिर से जांच ने गति पकड़ ली है। 2018 में हजारीबाग के खजांची तालाब स्थित सीडीएम अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर-303 में एक ही परिवार के छह सदस्यों की रहस्यमयी मौत ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया था। अब इस मामले की जांच के लिए दिल्ली से केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) की एक दो सदस्यीय टीम हजारीबाग पहुंची है। जानकारी के अनुसार, टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की फिर से जांच शुरू की। जांच के दौरान विशेषज्ञों ने फ्लैट नंबर-303 में जाकर घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की समीक्षा की और उपलब्ध साक्ष्यों का गहराई से अध्ययन किया।
घटनास्थल पर दोबारा जुटाए गए अहम साक्ष्य
CFSL की टीम ने सदर थाना पुलिस से मामले की जानकारी हासिल की। इसके साथ ही, उन्होंने घटना से जुड़े कई दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों का गहराई से पुनः परीक्षण किया। सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ने मृतकों के परिजनों और करीबी लोगों से भी बातचीत की, जिससे उन्हें घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं। हालांकि, अधिकारियों ने जांच के दौरान मिले तथ्यों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। ऐसा माना जा रहा है कि वैज्ञानिक जांच के आधार पर मामले के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं को फिर से परखा जा रहा है।
15 जुलाई 2018 को मिला था छह लोगों का शव
15 जुलाई 2018 को खजांची तालाब के CDM अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर-303 में महावीर माहेश्वरी, उनकी पत्नी किरण माहेश्वरी, उनके बेटे नरेश माहेश्वरी, बहू प्रीति माहेश्वरी, पोता अमन और पोती आंवी का शव मिला था। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था। परिजनों ने सदर थाना में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया। जब स्थानीय पुलिस की जांच से वे संतुष्ट नहीं हुए, तो उन्होंने मामले की जांच CID से कराने की मांग की।
हाईकोर्ट के आदेश पर CBI कर रही है जांच
CID ने मामले की जांच के दौरान घटनास्थल का रीक्रिएशन किया था, लेकिन परिजनों को उसकी रिपोर्ट से संतोष नहीं मिला। इसके बाद, उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट के आदेश पर इस चर्चित मामले की जांच अब CBI को सौंप दी गई है। अब CBI जांच के तहत दिल्ली से सीएफएसएल की टीम का हजारीबाग पहुंचना इस मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों की मदद से जांच एजेंसियां इस बहुचर्चित मामले से जुड़े कुछ नए तथ्यों का पता लगा सकेंगी। फिलहाल, जांच जारी है और एजेंसियों की ओर से किसी निष्कर्ष या नई जानकारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
(हजारीबाग से आशीष सिन्हा की रिपोर्ट)

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