'कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे', CM योगी के बाबरी बयान से गरमाई राजनीति, सपा प्रमुख ने बताया सांप्रदायिक
यूपी के बाराबंकी में आयोजन एक कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ ने बाबरी मस्जिद को लेकर कह दिया कि बाबरी मस्जिद कयामत तक भी नहीं बन पाएगी. इस पर विपक्ष भी प्रतिक्रिया दे रहा है. राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है.

CM Yogi on Babri: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए बाबरी मस्जिद को लेकर आपत्तिजनक बयान पर राजनीति गरमा गई है. यूपी सीएम ने उत्तरप्रदेश के बाराबंकी से एक कार्यक्रम के दौरान यह बयान दिया. उन्होंने कहा कि कयामत तक भी बाबरी मस्जिद का निर्माण नहीं हो सकेगा. उनके इस बयान पर सपा प्रमुख अकिलेश यादव ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा है कि सीएम द्वारा प्रयोग किया गया शब्द कयामत उर्दू का शब्द है. जबकि योगी हमेशा उर्दू का विरोध करते रहे हैं, तो इसका प्रयोग खुद क्यों कर रहे हैं. उन्होंने सीएम के सांप्रदायिक होने की बात भी कही.
मुगल सम्राट बाबर द्वारा या उनके आदेश पर निर्मित तीन गुंबदों वाली बाबरी मस्जिद के स्थल को लेकर विवाद एक शताब्दी से भी अधिक पुराना है. हिंदुओं का दावा है कि आक्रमणकारी मुस्लिम सेनाओं ने मस्जिद के निर्माण के लिए पहले से मौजूद राम मंदिर को ध्वस्त कर दिया था.
हालांकि, यह विवाद 1885 में तब कानूनी विवाद में बदल गया जब एक महंत ने मस्जिद के बाहर मंडप बनाने की अनुमति के लिए अदालत में याचिका दायर की. याचिका खारिज कर दी गई. दिसंबर 1949 में, अज्ञात उपद्रवियों ने भगवान राम की एक मूर्ति को मस्जिद में चुपके से रख दिया. 6 दिसंबर 1992 को कार सेवकों की एक बड़ी भीड़ ने इस ढांचे को ध्वस्त कर दिया.
सीएम योगी का बयान?
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी की जनसभा में राम मंदिर के खिलाफ होने वाली राजनीति पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि देश में वर्ष 1952 में पहली चुनाव के बाद सरकार बनी. इसके बाद लगातार हर चुनाव के बाद सरकारें बनती रही और फिर चुनाव होते रहे. अयोध्या में भगवान राम का उनकी जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण हो, आखिर यह उनके मन में क्यों नहीं आया? सीएम ने कहा कि कुछ लोग हैं जो अवसरवादी रवैया अपनाकर वोट बटोरने की फिराक में लग जाते हैं. जब संकट आता है, तब उन्हें राम याद आते हैं. अन्य समय में ये लोग राम को भुला देते हैं. इसलिए, भगवान राम भी अब उनको भूल चुके हैं.
सीएम ने कहा कि भगवान राम को छोड़कर कोई कभी आगे नहीं बढ़ सकता है. इन रामद्रोहियो के लिए कोई जगह नही बची है. जो रामभक्तों पर गोली चला रहे थे, रामकाज में बाधक थे, उनके लिए अब कोई जगह नहीं है. मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद निर्माण कार्य शुरू होने से पहले सीएम योगी ने कहा कि जो लोग सपना देख रहे हैं बाबरी ढांचे का, उनको बता दे रहे हैं कि कयामत का दिन कभी नहीं आएगा.
सीएम योगी ने सख्त लहजे में कहा कि कयामत के दिन के लिए मत जियो. हिंदुस्तान में कायदे से रहना सीखो. यहां का कानून मानो. कानून मानोगे, कायदे से रहोगे, तो फायदे में रहोगे. सीएम ने कहा कि अगर कायदे में नहीं रहे तो आगे का रास्ता कहां जाता है, पता है. अगर कानून कोई तोड़ेगा तो रास्ता सीधे जहन्नुम की ओर जाता है. कानून तोड़कर कोई जन्नत जाने का सपना देख रहा है, तो यह सपना कभी पूरा नहीं होने वाला है.
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
सीएम योगी के कयामत वाले बयान पर अखिलेश यादव ने अब पलटवार किया है. संसद सत्र में भाग लेकर बाहर निकले सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनसे (योगी आदित्यनाथ) कहो कि 'कयामत' जैसे उर्दू शब्दों का इस्तेमाल न करें. एक मुख्यमंत्री जो उर्दू के खिलाफ था, अब 'कयामत' जैसे शब्द बोल रहा है. कुछ और शब्दों का इस्तेमाल करें. अखिलेश यादव ने कहा कि जब मुख्यमंत्री घिर जाते हैं और बीजेपी कमजोर हो जाती है तो इस प्रकार के शब्दों का प्रयोग शुरू करते हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें सत्ता खोने का डर जितना सताएगा उतने वे कम्युनल हो जाते हैं. जितना ज्यादा डर, उतने ही ज्यादा कम्युनल.
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