सहरसा में गैस एजेंसियों पर उमड़ रही भारी भीड़, प्रशासन ने कहा- 70 दिन का स्टॉक सुरक्षित
प्रशासन के अनुसार सहरसा जिले में लगभग 70 दिनों का पेट्रोल-डीजल और गैस स्टॉक सुरक्षित है. इसके बावजूद कई ग्रामीण गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

Bihar (Saharsa): बिहार के सहरसा जिले में मध्य-पूर्व एशिया में चल रहे संकट का असर पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति व्यवस्था पर चर्चा का विषय बना हुआ है. कच्चे तेल और गैस आपूर्ति में वैश्विक स्तर पर आई कमी की खबरों के बीच आम लोगों में चिंता देखी जा रही है. हालांकि जिला प्रशासन लगातार मीडिया ब्रीफिंग के माध्यम से स्पष्ट कर रहा है कि जिले में पेट्रोल, डीजल और गैस का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और किसी प्रकार की कमी नहीं है.
स्टॉक को लेकर प्रशासन कर रही आश्वस्त
प्रशासन के अनुसार सहरसा जिले में लगभग 70 दिनों का पेट्रोल-डीजल और गैस स्टॉक सुरक्षित है. इसके बावजूद कई ग्रामीण गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गैस बुकिंग नहीं होने और मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए एजेंसी परिसरों में लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं. सुबह से लाइन में खड़े रहने के बावजूद लोगों का काम समय पर नहीं हो पा रहा है.
नियमों के विरुद्ध चल रही गैस एजेंसियां
लाभुकों का आरोप है कि जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देश के बावजूद कुछ एजेंसियां नियमों का पालन नहीं कर रही हैं. जिन गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी होनी चाहिए, उन्हें एजेंसी से ही लेने को मजबूर किया जा रहा है. मजबूरी में लोग मोटरसाइकिल और साइकिल से सिलेंडर ढोकर घर ले जा रहे हैं. एजेंसी कर्मियों पर काम टालने और घंटों इंतजार कराने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है.
युद्ध से प्रभावित कच्चे तेल की आपूर्ति
इधर, जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि मध्य-पूर्व एशिया संकट के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन भारत में पर्याप्त भंडारण होने से किसी प्रकार की कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि सभी पेट्रोल पंपों पर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की जाएगी और उनकी निगरानी में संचालन कराया जाएगा. खुदरा उपभोक्ता आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर ईंधन ले सकते हैं.
दैनिक मांग में आई कमी !
गैस आपूर्ति की स्थिति पर उन्होंने बताया कि पहले प्रतिदिन 5802 सिलेंडरों की मांग के विरुद्ध लगभग 8000 सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही थी, लेकिन अब अधिकांश उपभोक्ताओं के सिलेंडर भर जाने से दैनिक मांग घटकर करीब 6000 रह गई है और स्थिति सामान्य हो रही है. अफवाह के कारण लोग पहले से खाली सिलेंडर लेकर स्टॉक करने पहुंच रहे थे, जिस पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है.
सिर्फ होम डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी गोदाम से सीधे गैस वितरण नहीं होगा, सभी उपभोक्ताओं को केवल होम डिलीवरी के माध्यम से सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा. नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. इस मामले में जिले में अब तक 5 एफआईआर दर्ज की गई हैं तथा 301 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं.
जिला प्रशासन ने गैस एजेंसियों को निर्देश दिया है कि चार दिनों के भीतर लंबित डिलीवरी पूरी करें, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और व्यवस्था पूरी तरह सामान्य हो सके.
रिपोर्ट: इंद्रदेव
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