नशे की गिरफ्त में हिंदपीढ़ी!, मोती मस्जिद के पास पुलिस टीम पर पथराव-मारपीट, चार नामजद समेत कई पर FIR
राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी इलाके में नशे के अवैध कारोबार का जाल किस कदर बेखौफ हो चुका है, इसका बेहद खौफनाक और चौंकाने वाला नजारा मोती मस्जिद के समीप सामने आया है।
Ranchi Crime News: राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी इलाके में नशे के अवैध कारोबार का जाल किस कदर बेखौफ हो चुका है, इसका बेहद खौफनाक और चौंकाने वाला नजारा मोती मस्जिद के समीप सामने आया है। इलाके में नियमित शाम की गश्त पर निकले टाइगर मोबाइल के जवानों ने जब सरेराह नशीले पाउडर की खरीद-बिक्री करते हुए एक खरीदार को धर दबोचा, तो आरोपी और उसके परिजनों ने सरेआम खाकी पर ही धावा बोल दिया। भीड़ की आड़ में जवानों पर जमकर लात-घूंसे बरसाए गए और सिपाही की कमर में लगी लोडेड सर्विस पिस्टल तक छीनने का पुरजोर प्रयास किया गया। हालांकि जवानों ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए न सिर्फ अपना हथियार बचाया, बल्कि उपद्रवियों को बेनकाब करते हुए हिंदपीढ़ी थाने में गंभीर धाराओं में नामजद केस दर्ज कराया है।
मोती मस्जिद के पास रंगेहाथ पकड़ा गया था खरीदार
घटना दो सितंबर की शाम करीब सात बजे की है। रांची जिला बल (टाइगर-24) के जवान आरिफ आलम और आईआरबी-4 के जवान स्वामीनाथ यादव हिंदपीढ़ी क्षेत्र में रूटीन संध्या गश्ती पर निकले हुए थे। उनका मुख्य जिम्मा इलाके में सक्रिय ब्राउन शुगर पेडलरों और असामाजिक तत्वों पर नजर रखना था। इसी दौरान मोती मस्जिद के ठीक सामने दो युवक खुलेआम ब्राउन शुगर का सौदा करते नजर आए। पुलिसकर्मियों को अपनी ओर बढ़ता देख नशा बेच रहा सप्लायर संकरी गलियों में छिपकर भाग निकला, लेकिन गश्ती टीम ने नशा खरीद रहे मेराज नाम के युवक को मौके पर ही दबोच लिया।
शोर मचाकर जुटाई भीड़, पिस्टल छीनने पर आमादा हुए हमलावर
खुद को कानून के शिकंजे में फंसता देख मेराज ने जोर-जोर से चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर उसके माता-पिता, रिश्तेदार और आसपास के उपद्रवी फौरन लाठी-डंडों के साथ बाहर निकल आए और देखते ही देखते जवानों को चारों तरफ से घेर लिया। 3 से 4 लोग अचानक दोनों सिपाहियों पर टूट पड़े और ताबड़तोड़ मारपीट शुरू कर दी। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर हिरासत में लिया गया मेराज जवान आरिफ आलम की कमर में लगी सरकारी पिस्टल को झपटने लगा। जान पर बने खतरे के बावजूद दोनों जवानों ने जबड़े की तरह अपनी सर्विस पिस्टल को कसकर पकड़े रखा और उपद्रवियों के हाथ हथियार नहीं लगने दिया।
वायरलेस पर अलर्ट बजते ही भागे उपद्रवी, चार नामजद समेत कई पर एफआईआर
भीड़ के हिंसक हमले के बीच जवानों ने तत्परता दिखाते हुए फौरन वायरलेस और मोबाइल के जरिए हिंदपीढ़ी थाने को बैकअप का संदेश भेजा। चंद मिनटों में थाने से पेट्रोलिंग वैन और अतिरिक्त पुलिस बल के सायरन की आवाज गूंजते ही हमलावरों के होश उड़ गए। खाकी की भारी आमद देख सभी हमलावर जुटी भीड़ का फायदा उठाकर गलियों में भाग निकले। इस हमले में दोनों पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं।
घटनास्थल से जुटाए गए वीडियो फुटेज और तस्वीरों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है। जवान आरिफ आलम के बयान पर मोती मस्जिद निवासी मो. इमरान, मो. तबरेज, मेराज, मो. नईम और 3-4 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ जानलेवा हमला, सरकारी काम में बाधा डालने और आर्म्स छीनने के प्रयास की संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस की टीमें अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।
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