Jharkhand में अवैध खनन और बालू माफिया पर सरकार सख्त, CM हेमंत सोरेन ने दिए कड़े कार्रवाई के निर्देश
ओवरलोडिंग, अवैध खनन और खनिज तस्करी पर लगेगी लगाम, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को मंत्रालय में की खनन एवं भूविज्ञान विभाग के कार्यों की निरीक्षण और अधिकारियों को दिया कड़ी कारवाई करने का निर्देश।


Ranchi: झारखंड सरकार ने राज्य में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन, ओवरलोडिंग और बालू माफिया के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री Hemant Soren ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के कुल 820 बालू घाटों में से 376 घाटों का संचालन फिलहाल पंचायतों के माध्यम से किया जा रहा है। वहीं, दूसरी श्रेणी के 444 घाटों में से लगभग 300 घाटों की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सरकार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन घाटों से जल्द बालू उठाव शुरू कराया जाए और बाकी घाटों की नीलामी भी जल्द पूरी की जाए।
उन्होंने कहा कि इन कदमों से राज्य को करीब 3,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि 10 जून से 15 अक्टूबर तक एनजीटी के नियमों के तहत बालू खनन और उठाव पर रोक रहेगी। इस अवधि के दौरान संबंधित घाटों के लिए पर्यावरण स्वीकृति (ईसी), शहरी क्षेत्रों , डीलर लाइसेंस और ग्रामसभा की मंजूरी जैसी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी, ताकि प्रतिबंध समाप्त होने के बाद कार्य सुचारु रूप से शुरू हो सके।
राज्य सरकार अब बंद पड़ी और निष्क्रिय खदानों को लेकर सख्त रुख अपना रही है. मुख्यमंत्री ने बीसीसीएल (BCCL), सीसीएल (CCL) और ईसीएल (ECL) की उन सभी खदानों पर कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया है जो काफी समय से बंद हैं| उन्होंने साफ कहा है कि या तो इन खदानों में दोबारा काम शुरू किया जाए, नहीं तो इनकी लीज कैंसिल (निरस्त) करने की प्रक्रिया अपनाई जाए| इसके साथ ही, जिन मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी होने के बाद भी वहां काम शुरू नहीं हो पाया है, उनका आवंटन रद्द करके उनकी दोबारा नीलामी की जाएगी| पूरे खनन क्षेत्र की बेहतर निगरानी के लिए एक्टिव और इन-एक्टिव इलाकों की मैपिंग करने का भी निर्देश दिया गया है|
बैठक में राज्य के खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और राजस्व बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए ताकि सरकार को होने वाले राजस्व नुकसान को रोका जा सके। इसके अलावा जिन खनन परियोजनाओं और कोयला ब्लॉकों का संचालन अभी तक शुरू नहीं हो पाया है, उन्हें जल्द चालू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए।

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