'CBI जांच पर गंभीरता से विचार करे सरकार!', छात्र आंदोलन के समर्थन में रांची पहुंचीं अभिनेत्री कुनिका सदानंद
JPSC-JSSC छात्र आंदोलन के समर्थन में अभिनेत्री कुनिका सदानंद रांची पहुंचीं। उन्होंने छात्रों से मुलाकात कर परीक्षा में पारदर्शिता की मांग का समर्थन किया और CBI जांच पर सरकार से गंभीरता से विचार करने को कहा।

JPSC-JSSC Protest: झारखंड की राजधानी रांची स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन को अब राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिलने लगा है। इसी क्रम में छात्रों की आवाज को बल देने के लिए मुंबई से जानी-मानी अभिनेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता कुनिका सदानंद रविवार को रांची पहुंचीं। उन्होंने सीधे आंदोलन स्थल पर पहुंचकर कई दिनों से धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं से मुलाकात की, उनकी समस्याओं व मांगों को विस्तार से सुना और उनके लोकतांत्रिक संघर्ष के प्रति अपनी एकजुटता प्रकट की।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की वकालत
छात्रों से संवाद के दौरान कुनिका सदानंद ने कहा कि राज्य की पूरी शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की सख्त जरूरत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को पढ़ाई का बेहतर माहौल और चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता मिलनी चाहिए। उन्होंने दिल्ली और झारखंड के छात्र आंदोलनों की तुलना करते हुए कहा कि दोनों जगहों की परिस्थितियां भिन्न हैं। दिल्ली का मामला मुख्य रूप से पेपर लीक से जुड़ा था, जबकि झारखंड में छात्र अपने भविष्य, समय पर नियुक्तियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि किसी भी परीक्षा में धांधली या अनुचित साधनों के इस्तेमाल के गंभीर आरोप सामने आए हैं, तो सरकार को बिना किसी देरी के त्वरित और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
CBI जांच पर सरकार गंभीरता से करे विचार, छात्रों में बहाल हो विश्वास
जांच एजेंसी के मुद्दे पर अपनी स्पष्ट राय रखते हुए कुनिका सदानंद ने कहा कि यदि आंदोलनकारी छात्र मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग पर अडिग हैं, तो व्यक्तिगत रूप से उनका मानना है कि सरकार को इस मांग पर बेहद संवेदनशीलता और गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच एजेंसी से पड़ताल कराने से छात्रों के मन में व्याप्त अविश्वास दूर होगा और राज्य की संस्थाओं के प्रति उनका भरोसा दोबारा कायम हो सकेगा।
संवाद से तुरंत निकले रास्ता ताकि पढ़ाई पर लौट सकें छात्र
सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी मेधावी छात्र अपनी मर्जी से लंबे समय तक सड़कों या मैदानों में धरना-प्रदर्शन नहीं करना चाहता। युवाओं की पहली प्राथमिकता पढ़ाई करना और अपने करियर का निर्माण करना है। ऐसे में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच तत्काल सकारात्मक संवाद स्थापित कर इस गतिरोध का समाधान निकाला जाना चाहिए, ताकि छात्र बिना समय गंवाए वापस अपनी पढ़ाई पर लौट सकें। उन्होंने राज्य सरकार से शिक्षा और रोजगार से जुड़े सभी संवेदनशील मुद्दों पर परिपक्वता और सहानुभूतिपूर्वक कदम उठाने का पुरजोर आग्रह किया।
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