GODDA: प्रिंट से ज्यादा वसूली, 140 MRP की बीयर, दुकानदार ले रहे 160
शराब के दाम की अवैध वसूली गोड्डा जिले में धड़ल्ले से की जा रही है. शराब की दुकानों में ग्राहकों से प्रिंट रेट से अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं. जब इस मामले में जिले के उत्पाद विभाग के अधिकारी निलेश से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनके द्वारा फोन भी उठाया नहीं गया.

JHARKHAND (GODDA): जिले में नई शराब नीति लागू होने के बाद भी अवैध वसूली का खेल जारी है. निजी हाथों में जाने के बाद शराब की दुकानों में ग्राहकों से प्रिंट रेट से अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं. 1 जून से लागू हुई नई शराब नीति के बाद राज्य सरकार ने जिले की शराब दुकानों को निजी हाथों में सौंप दिया था. लेकिन इसका नतीजा यह हुआ कि अब ग्राहक खुलेआम लूट का शिकार बन रहे हैं ताजा मामला मेहरमा प्रखंड का है, जहां अनुज्ञप्ति प्राप्त शराब की कम्पोजिट शराब दुकान, घोरीचक में प्रिंट रेट को ताक पर रखकर मनमानी रकम वसूली की जा रही है.
स्कैनर सिस्टम का नहीं किया जा रहा प्रयोग!
जिसकी बोतल पर प्रिंट मूल्य 140 रुपये अंकित है, उसी बीयर के लिए ग्राहकों से 160 रुपये वसूले जा रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शराब बिक्री के लिए स्कैनर सिस्टम लागू किया गया है, तो फिर स्कैन कर प्रिंट रेट पर शराब क्यों नहीं दी जा रही? क्या स्कैनर सिर्फ कागजों में ही चल रहा है? या फिर दुकानदारों को कानून से ऊपर मान लिया गया है?
अधिकारी नहीं उठाते फोन
जब इस मामले में जिले के उत्पाद विभाग के अधिकारी निलेश से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझा. ऐसे में सवाल है कि क्या अवैध वसूली को विभागीय संरक्षण प्राप्त है? या फिर शिकायतों को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है? ग्राहक चाहकर भी विरोध नहीं कर पा रहे, क्योंकि शराब नहीं लेने पर दुकान से लौटा दिया जाता है और लेने पर ज्यादा कीमत चुकाने की मजबूरी है.
रिपोर्ट: प्रिंस यादव
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

तोहफे में झाड़ू लेकर भी.. क्यों खुश नजर आ रहीं रांची मेयर रोशनी खलखो

OBC आरक्षण के साथ पहली बार झारखंड में पंचायत चुनाव, तय समय पर चुनाव कराने की झारखंड सरकार की तैयारी






