रिजल्ट दो, वरना आंदोलन होगा’... STET से पहले नालंदा खुला विश्वविद्यालय में छात्रों का प्रदर्शन
नालंदा खुला विश्वविद्यालय के PG सत्र 2024-26 के छात्रों ने STET 2026 की आवेदन डेडलाइन से पहले रिजल्ट जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन और तालाबंदी की। छात्रों की चिंता पर कुलपति ने मूल्यांकन जल्द पूरा कराने का भरोसा दिया है।


नालंदा खुला विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में गुरुवार को स्नातकोत्तर सत्र 2024-26 के छात्र-छात्राओं ने परीक्षा परिणाम जल्द जारी करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी और कुलपति प्रो. रवीन्द्र कुमार समेत विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों का कहना है कि STET 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित है। उनका आरोप है कि PG का रिजल्ट समय पर जारी नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए आवेदन करने से वंचित हो सकते हैं। विद्यार्थियों के मुताबिक, पीजी उत्तीर्ण होना उनके लिए उच्च माध्यमिक शिक्षक पद की पात्रता हासिल करने का महत्वपूर्ण आधार है।
‘जुलाई तक आना था रिजल्ट’
प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि एडमिशन के समय दिए गए प्रॉस्पेक्टस के अनुसार परीक्षाएं मई तक पूरी होनी थीं और जुलाई तक परिणाम जारी किया जाना था, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया में देरी हुई। उनका कहना है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में परीक्षाएं समाप्त होने के बाद भी मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
छात्रों का कहना है कि वे कई वर्षों से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। अब जब STET और आगामी शिक्षक भर्ती का अवसर सामने आया है, तब रिजल्ट में देरी उनके करियर के लिए बड़ी समस्या बन सकती है। मनोविज्ञान, भौतिकी, रसायन शास्त्र, जूलॉजी, गणित, हिंदी और वाणिज्य समेत विभिन्न विषयों के विद्यार्थी प्रदर्शन में शामिल हुए।
कई जिलों से पहुंचे विद्यार्थी
प्रदर्शन में नालंदा के अलावा पटना, वैशाली, बिहटा, महुआ, सुपौल और हाजीपुर समेत कई इलाकों से छात्र पहुंचे। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी कि यदि 31 अगस्त से पहले रिजल्ट जारी नहीं किया गया तो वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। इसी दौरान कुछ छात्रों ने बेहद गंभीर और चिंताजनक भाषा में आत्मदाह जैसे कदम उठाने की बात भी कही। ऐसी धमकी को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से तत्काल संवाद एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत है।
छात्रों के प्रदर्शन और तालाबंदी के बाद कुलपति प्रो. रवीन्द्र कुमार ने विश्वविद्यालय का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का सत्र नियमित है और परीक्षाएं पारदर्शिता एवं परीक्षा की शुचिता के साथ कराई जा रही हैं।
कुलपति ने बताया क्यों हो रही है देरी
कुलपति के मुताबिक, पीजी की परीक्षाएं 22 से 26 जुलाई के आसपास समाप्त हुई हैं और कुछ प्रायोगिक परीक्षाएं अभी चल रही हैं। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के कारण उत्तर पुस्तिकाओं की विशेष कोडिंग, डिकोडिंग और मार्क्स फाइलिंग जैसी प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा कैलेंडर के अनुसार राजभवन को पहले ही सूचित किया गया है कि सत्र 2024-26 का अंतिम परिणाम सितंबर में प्रकाशित किया जाएगा। हालांकि STET की अधिसूचना के बाद छात्रों की परेशानी को देखते हुए परीक्षकों को इसी महीने के अंत तक मूल्यांकन पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
कुलपति ने बताया कि गणित, भौतिकी, प्राणि विज्ञान, वाणिज्य और भूगोल जैसे विषयों में करीब 50 से 60 प्रतिशत उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा हो चुका है। मूल्यांकन पूरा होने वाले विषयों की टीआर पोस्टिंग भी समानांतर रूप से की जा रही है। कुलपति ने कहा कि मूल्यांकन पूरा होते ही दो से तीन दिनों के भीतर परिणाम जारी करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने छात्रों से शांति बनाए रखने और विश्वविद्यालय के कार्य में सहयोग करने की अपील की।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नालंदा खुला विश्वविद्यालय 31 अगस्त की अंतिम तिथि से पहले छात्रों को रिजल्ट उपलब्ध करा पाएगा? इसका जवाब आने वाले दिनों में साफ होगा।
(नालंदा से वीरेंद्र कुमार की रिपोर्ट)

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