नगर विकास मंत्री के विस क्षेत्र में गिरिडीह नगर निगम का दावा ! 305 चापानलों का दो महीने में हुआ मरम्मत
भीषण गर्मी के बीच राज्य के कई जिलों में अब लोगों को पेयजल को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. खबर गिरिडीह जिले का है जहां गिरिडीह नगर निगम ने दावा किया है कि एक्शन प्लान के मुताबिक कार्यों का संचालन किया जा रहा है.

Giridih / Jharkhand (Report By- Manoj Kumar Pintu): झारखंड में इस बार अप्रैल महीने के अंत से ही भीषण गर्मी पड़ रही है जिससे लोगों को AC और कुलर भी राहत नहीं दे पा रहा है. इस भीषण गर्मी के बीच राज्य के कई जिलों में अब लोगों को पेयजल को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. खबर गिरिडीह जिले का है जहां गिरिडीह नगर निगम ने दावा किया है कि एक्शन प्लान के मुताबिक कार्यों का संचालन किया जा रहा है. जहां जैसा जरूरत है उसी के मुताबिक टैंकर से लोगों को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है.
लोगों के बीच सप्लाई पानी भी सुचारु रुप से पहुंचाया जा रहा है जिले में भीषण गर्मी को देखते हुए शहर में पांच स्थानों पर अस्थाई प्याऊ केंद्र की व्यवस्था की गई है. जहां लोगों को शीतल जल उपलब्ध कराया जा रहा है. सभी चापानलों को मरम्मत कराया जा रहा है. बता दें, यह दावा नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के विस क्षेत्र के गिरिडीह नगर निगम के उपनगर आयुक्त प्रशांत लायक का है.
नक्षत्र News से बातचीत के दौरान उप नगर आयुक्त ने दावा किया कि पूरे निगम इलाके में 304 चापानलों का मरम्मत कराया गया है. उप नगर आयुक्त प्रशांत लायक के दावे के अनुसार फरवरी के 150 चापानल मरम्मत कराया गया. जबकि मार्च में 154 चापानल का मरम्मत किया गया. नगर निगम के दावे के अनुसार अब तक लाखों रुपए खर्च किए गए हैं. उप नगर आयुक्त का तो दावा यह भी है मरम्मति का कार्य लेने वाली एजेंसी को एक काल करने पर तुरंत सूचना वाले लोकेशन के खराब पड़े चापानल का मरम्मत कर दिया जाता है.
लेकिन अगर उप नगर आयुक्त का दावा सही है तो फिर शनिवार को नक्षत्र news की टीम ने घूम-घूम कर दावे का जो सच देखा. वो खुद में कितना सही है, ये दृश्य साबित करने के लिए काफी है. नगर विकास मंत्री के विस क्षेत्र के नगर निगम के हालात ऐसे है. इलाके के तीन अलग अलग वार्ड के हालातों को देखा गया. जहां कई चापानल का सिर्फ निचला हिस्सा जमीन के अंदर दिख रहा था. तो कई स्थानों पर कचरों के ढेर के बगल में चापानल खराब पड़ा दिखा. 
हालांकि कुछ चापानल सही थे, और उससे पानी निकल रहा था. लेकिन अधिकांश चापानल के हालात के दृश्य लोग देखे, तो उपनगर आयुक्त के दावे को सही माने, या चापानल को चलाकर दिखाते लोगों के बातों को सच माना जाए. हालांकि naxatra news किसी भी दावे की पुष्टि नहीं कर रहा है कि उप नगर आयुक्त ने 305 चापानलों को दो महीने में दुरुस्त करने की बात कही. लेकिन शहर से जुड़े अधिकांश वार्ड में 305 चापानल को तो कही दिखा ही नहीं, कि नगर निगम ने एजेंसी के जरिए 305 चापानल बनाए भी है. और जो दिखे, उसमें अधिकांश की तस्वीरें बयां करने के लिए काफी है.
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