Giridih News: गिरिडीह के बड़की सरिया में पहली बार नगर पंचायत का चुनाव हो रहा है. कई ग्रामीण इलाकों को काटकर नगर पंचायत में शामिल किया गया. लिहाजा, कुछ हद तक नगर पंचायत बनने से लोगों में उत्साह है. तो कईयों में नाराजगी भी. क्योंकि सुविधा तो बढ़ा नहीं, लेकिन भारी भर-कम होल्डिंग टैक्स का दबाव ज़रूर बढ़ गया.
बता दें, 23 फ़रवरी को चुनाव होना है, और 27 फ़रवरी को परिणाम आना है. ऐसे में पहली बार चुनाव होने के बाद नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए कई महिला उम्मीदवार मैदान में है. एक तो खुद भाजपा नेता फागू पंडित की पत्नी शोभा देवी है. जिसे भाजपा ने बड़की सरिया में नगर अध्यक्ष के लिए समर्थन करने का ऐलान किया है. यहां तक कि खुद केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और बगोदर विधायक नागेंद्र महतो भी उनके समर्थन में आयोजित जनसभा कर चुके है.
हालांकि चुनाव में चेतना तर्वे, आरती देवी, श्रुति प्रिया कौर, आरती देवी, सुनीता देवी, विनीता देवी, कवलप्रीत सलूजा, शालिनी कुमारी विनीता देवी शाह सहित कई अन्य उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में अपनी किस्तम आजमा रहे हैं लेकिन इन सबसे अगर देखा जाए तो शोभा देवी को छोड़ किसी का प्रत्याशी की राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है. इसमें अधिकांश उम्मीदवार सिर्फ जातिगत आबादी के भरोसे ही चुनावी मैदान में है. वैश्य समाज में बरनवाल और मोदी के वोटरों के भरोसे सुनीता देवी हैं. तो सिख समाज के भरोसे दो सिख महिला उम्मीदवार है. और दोनों ही सरिया में बड़े कॉर्पोरेट घराने से जुड़ी बताई जा रही है.
चेतना तर्वे भी सरिया में वैश्य समाज के दूसरे सबसे बड़ी आबादी महुरी समाज के भरोसे ही चुनावी मैदान में नजर आ रही है. हालांकि दावा है कि जेएमएम ने चेतना तर्वे को समर्थन दे रखा है. वैसे पार्टी सूत्रों कि माने तो इसका अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. फिलहाल किसी भी उम्मीदवार का अपना कोई कोर वोटर तक नहीं है. अधिकांश जातिगत वोटरों के भरोसे ही चुनावी मैदान में है. मगर इस चुनाव में बीजेपी नेता फागू पंडित और उनकी पत्नी शोभा देवी को पूरा यकीन है कि बीजेपी का कैडर वोट और कोर वोटर उनके समर्थन में है.
रिपोर्ट- मनोज कुमार पिंटू / संतोष तर्वे








