अभय तिवारी के आरोपों पर पूर्व JPSC सदस्य की सफाई, कहा- 'गलत फैसलों का मैंने हमेशा विरोध किया'
JPSC कथित धांधली मामले में CID ने पूर्व सदस्य डॉ अनिमा हांसदा से पूछताछ की। उन्होंने अभय तिवारी के आरोपों को लेकर सफाई दी और TDPL चयन में भूमिका से इनकार किया।

JPSC-JSSC Scam: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC यानी झारखंड लोक सेवा आयोग की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों और धांधली को लेकर CID की जांच तेज हो गई है। इसी सिलसिले में CID की टीम ने शुक्रवार को आयोग की पूर्व सदस्य डॉ अनिमा हांसदा से गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान डॉ हांसदा ने अपना पक्ष रखते हुए खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया। उन्होंने जांच अधिकारियों से कहा कि JPSC में कार्यकाल के दौरान जब भी उन्हें किसी तरह की विसंगति या गड़बड़ी महसूस हुई, उन्होंने हर बार उसका खुलकर विरोध किया था।
अध्यक्ष L Khiangte और परीक्षा नियंत्रक स्तर पर लिए जाते थे फैसले
CID के सवालों का जवाब देते हुए डॉ अनिमा हांसदा ने आयोग के भीतर काम करने के तरीके को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि JPSC के सभी नीतिगत और महत्वपूर्ण निर्णय तत्कालीन अध्यक्ष L Khiangte, परीक्षा नियंत्रक और उपनियंत्रक के स्तर से ही लिए जाते थे। इसके साथ ही उन्होंने मामले से जुड़े अभय तिवारी और विवादित एजेंसी TDPL के निदेशक के साथ किसी भी तरह के व्यक्तिगत या प्रत्यक्ष संपर्क से पूरी तरह इनकार किया।
TDPL के चयन पर हस्ताक्षर नहीं, एजेंसी चुनने में नहीं थी भूमिका
एजेंसी के चयन में अपनी भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों पर पूर्व सदस्य ने कहा कि TDPL के चयन से संबंधित किसी भी निर्णय में उनकी कोई भागीदारी नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि चयन संबंधी प्रस्ताव पर उनके हस्ताक्षर तक नहीं हैं। पूछताछ के दौरान CID की टीम ने उनसे TDPL के चयन की पूरी प्रक्रिया और अभय तिवारी की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली।
CID दोबारा पूछताछ के लिए बुला सकती है डॉ हांसदा को
JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में CID की यह कार्रवाई बेहद अहम मानी जा रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए आयोग के तत्कालीन पदाधिकारियों से पूछताछ जरूरी है। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद CID अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि अगर जांच के दौरान आगे आवश्यकता पड़ी, तो डॉ अनिमा हांसदा को दोबारा भी पूछताछ के लिए समन भेजकर बुलाया जा सकता है।
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