जमीन चीरकर निकल रहीं आग की लपटें, गोमिया के पलानी गांव में दहशत, DC के आदेश के बाद भी नहीं बुझी आग!
बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड अंतर्गत बांध पंचायत के पलानी गांव में पिछले कई दिनों से जमीन को चीरकर निकल रही आग की लपटों ने पूरे इलाके में भारी दहशत फैला दी है।


Bokaro: बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड अंतर्गत बांध पंचायत के पलानी गांव में पिछले कई दिनों से जमीन को चीरकर निकल रही आग की लपटों ने पूरे इलाके में भारी दहशत फैला दी है। जमीन के नीचे से लगातार उठती लपटों और धुएं के कारण स्थानीय ग्रामीण भारी भय और अनिश्चितता के साए में जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग एक माह पूर्व संबंधित जमीन से गैस के बुलबुले निकलते देखे गए थे, जिसके कुछ समय बाद धीरे-धीरे आग भड़कने लगी और अब इसका दायरा तेजी से आसपास के इलाकों में फैल रहा है।
कोल गैस के रिसाव से भड़की आग, खेती प्रभावित और पलायन का डर
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जमीन के नीचे कोयले की सीम और प्राकृतिक गैस (Coal Gas) के रिसाव के कारण यह भूमिगत आग लगी है। आग और अत्यधिक तापमान के चलते आसपास की कृषि भूमि बुरी तरह प्रभावित हो रही है और फसलें नष्ट होने के कगार पर हैं। ग्रामीण उस क्षेत्र में जाने से भी कतरा रहे हैं, जिससे उनकी दैनिक आजीविका और खेती-बाड़ी ठप हो गई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल वैज्ञानिक तरीके से स्थायी समाधान की मांग की है। साथ ही प्रभावित ग्रामीणों ने मांग उठाई है कि यदि यह सरकारी जमीन है तो उसका विधिवत अधिग्रहण कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा और आर्थिक नुकसान की भरपाई की जाए।
पूर्व विधायक लंबोदर महतो ने प्रशासन, CCL और ONGC को घेरा
मामले की गंभीरता को देखते हुए गोमिया के पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने इसे जिला प्रशासन, सीसीएल (CCL) प्रबंधन और ओएनजीसी (ONGC) की घोर लापरवाही करार दिया है। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कई दिन बीत जाने के बावजूद जिम्मेदार तंत्र द्वारा आग पर काबू पाने के लिए कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते आग पर नियंत्रण पाने और ग्रामीणों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो व्यापक जनआंदोलन छेड़ा जाएगा।
DC के डस्ट भराई निर्देश भी रहे बेअसर, प्रशासनिक विफलता पर उठे सवाल
उल्लेखनीय है कि बोकारो उपायुक्त (DC) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व में ही संज्ञान लिया था और जिला खनन पदाधिकारी (DMO) को आग प्रभावित क्षेत्र में स्टोन डस्ट (धूल) भराई कर आग पर काबू पाने का निर्देश दिया था। विडंबना यह है कि प्रशासनिक निर्देश के बावजूद आज भी जमीन से आग की लपटें उसी तीव्रता से निकल रही हैं। ऐसे में यह गंभीर सवाल खड़ा हो रहा है कि उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद भी जमीन पर ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई और आपदा प्रबंधन से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी अब तक क्या कर रहे हैं। ग्रामीणों ने राज्य सरकार से उच्चस्तरीय तकनीकी टीम भेजकर आग को तत्काल नियंत्रित करने की गुहार लगाई है।

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