चतरा में आसमान से बरस रही आग: 44 डिग्री पार पहुंचा पारा, बिजली कटौती से जनता त्रस्त
चतरा जिले में इन दिनों सूरज देवता अपने सबसे रौद्र रूप में हैं. नौतपा की शुरुआत के साथ ही लू इस कदर चल रही है कि दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसर जाता है.

Chatra, Jharkhand: झारखंड इन दिनों भीषण लू और जानलेवा गर्मी की चपेट में है. चतरा जिले में हालात बद से बदतर हो चुके हैं, जहां तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. सुबह के 8 बजते ही सूरज आग उगलना शुरू कर देता है और दोपहर होते-होते सड़कें मानो भट्ठी की तरह तपने लगती हैं. इस जानलेवा धूप ने न सिर्फ लोगों की दिनचर्या को अस्त-व्यस्त कर दिया है, बल्कि रेहड़ी-पटरी वालों और ऑटो चालकों के रोजगार को भी लील लिया है. ऊपर से बिजली विभाग की मनमानी और अघोषित बिजली कटौती ने चतरा वासियों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है.
नौतपा की शुरुआत और लू का कहर
चतरा जिले में इन दिनों सूरज देवता अपने सबसे रौद्र रूप में हैं. नौतपा की शुरुआत के साथ ही लू इस कदर चल रही है कि दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसर जाता है. लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं. जरूरी काम से निकलने वाले राहगीर सिर पर गमछा, चेहरे पर कपड़ा और हाथ में छाता लेकर चलने को विवश हैं. दोपहर के समय चतरा की सड़कें ऐसी वीरान दिखती हैं, मानो शहर में कर्फ्यू लगा हो.
ऑटो चालकों की परेशानी
सुबह 8:00 बजे से ही इतनी जोरदार धूप पड़ती है कि लोग घरों से निकलना मुनासिब नहीं समझते. लोग निकलेंगे तो सीधे लू की चपेट में आकर बीमार हो जाएंगे. ऑटो चालक मोहम्मद अयान बताते हैं कि चतरा बस स्टैंड से रेड क्रॉस तक चक्कर लगाता हूं, पैसेंजर मिलते ही नहीं. इस गर्मी ने हमारा रोजगार पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. सूरज इस कदर आग बरसा रहा है कि धरती भी तप रही है और इंसान आलू की तरह पक रहे हैं.
धूप में दिन भर बैठना सजा से कम नहीं : ठेला दुकानदार
इस भीषण गर्मी का सबसे बड़ा प्रहार उन गरीबों पर हुआ है जो रोज कमाते और खाते हैं. रेहड़ी-पटरी और ठेला लगाने वाले दुकानदार ग्राहकों के इंतजार में दिनभर बैठे रहते हैं, लेकिन दोपहर 3 बजे तक कोई बाजार का रुख नहीं करता. बिना छाते के रोड पर कदम रखना मतलब सीधे बीमार होना है. बहुत जरूरी काम था, इसलिए छाता लेकर निकलना पड़ा. चतरा में सूरज का रूप बहुत खतरनाक है."
सदर अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या
चतरा में गर्मी इतनी हावी है कि दोपहर तक कोई ग्राहक ठेले पर नहीं आता. चारों तरफ सन्नाटा रहता है, जिससे हमारी आमदनी बंद हो गई है. गर्मी और डिहाइड्रेशन के कारण चतरा सदर अस्पताल में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है. उल्टी, दस्त और तेज बुखार से पीड़ित मरीज लगातार अस्पताल पहुंच रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है और डॉक्टरों की टीम मुस्तैद है.
सिविल सर्जन सत्येंद्र सिन्हा की जनता से अपील
चतरा में भीषण लू का प्रकोप जारी है. चतरावासी से अपील है कि बहुत जरूरत होने पर ही धूप में निकलें. निकलते समय छाता, गमछा साथ रखें और समय-समय पर पानी, खीरा, ककड़ी, तरबूज और ओआरएस (ORS) घोल का सेवन करते रहें. तबीयत बिगड़ने पर तुरंत सदर अस्पताल आएं.अस्पताल में लू और गर्मी की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या काफी अधिक है. मुख्य रूप से उल्टी, दस्त और बुखार के गंभीर मरीज आ रहे हैं, जिनका त्वरित उपचार कर उन्हें राहत दी जा रही है. चतरा वासियों की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं. एक तरफ आसमान से आग बरस रही है, तो दूसरी तरफ बिजली विभाग की मनमानी ने जनता का जीना मुहाल कर दिया है. घंटों हो रही अघोषित बिजली कटौती के कारण लोग घरों के भीतर भी तड़प रहे हैं. इसी आक्रोश में हाल ही में हंटरगंज के ग्रामीणों ने बिजली दफ्तर का घेराव कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की. राहत की बात बस इतनी है कि जिला प्रशासन कुछ जगहों पर राहगीरों के लिए ठंडे पेयजल की व्यवस्था करने में जुटा है.
आसमान से बरसती इस आग और बिजली विभाग की उदासीनता के बीच चतरा की जनता बेबस नजर आ रही है. अब देखना यह है कि प्रशासन के प्रयास और बिजली विभाग की कार्यशैली जनता को इस दोहरी मार से कितनी राहत दिला पाती है.
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