गिरिडीह में आदिवासियों का उग्र आंदोलन: धनवार CO और भू-माफियाओं के खिलाफ पारंपरिक हथियारों के साथ जुटे ग्रामीण
गिरिडीह के धनवार प्रखंड में आदिवासियों की खतियानी जमीन को फर्जी कागजातों के सहारे हड़पने के आरोप में अंचल अधिकारी (CO) और भू-माफियाओं के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ. भाजपा नेताओं के नेतृत्व में पारंपरिक हथियारों के साथ जुटे आदिवासी समुदाय ने सीओ की गिरफ्तारी की मांग की है.

Giridih, Jharkhand: झारखंड के गिरिडीह जिला अंतर्गत धनवार प्रखंड में आदिवासियों की खतियानी जमीन को अवैध तरीके से हड़पने का एक बड़ा मामला गरमाता जा रहा है. मंगलवार को इस मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोगों ने धनवार अंचल अधिकारी (CO) और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के खिलाफ एक बड़ा और आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया. भाजपा नेता सुबोध राय और सुकेज हेंब्रम के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन के दौरान ग्रामीण अपने पारंपरिक हथियारों जैसे तीर-धनुष के साथ और डुगडुगी बजाते हुए सड़कों पर उतरे, जिससे इलाके में भारी राजनीतिक और सामाजिक हलचल देखी गई.
महेशमरवा और बल्हारा की खतियानी जमीन पर भू-माफियाओं की नजर
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे सुकेज हेंब्रम ने स्थानीय प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि धनवार प्रखंड के महेशमरवा और बल्हारा नामक दो विशिष्ट स्थानों पर स्थित आदिवासी समुदाय की पैतृक और खतियानी जमीनों पर भू-माफियाओं की नजर है. आरोप है कि अंचल अधिकारी (CO) के प्रत्यक्ष संरक्षण में भू-माफिया सक्रिय हैं और आदिवासियों की जमीनों के फर्जी व जाली कागजात तैयार कर उन्हें अवैध रूप से हड़पने की कोशिश की जा रही है. ग्रामीणों ने कहा कि उनकी खतियानी जमीनों को लूटा जा रहा है और स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है.
सीओ पर मुकदमा दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग
उग्र आंदोलन के दौरान आदिवासी समुदाय के नेताओं ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है. उन्होंने मांग की है कि भू-माफियाओं का कथित रूप से सहयोग करने के आरोप में धनवार सीओ के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि राज्य सरकार और जिला प्रशासन द्वारा इस दिशा में जल्द ही कोई ठोस और दंडात्मक कदम नहीं उठाया जाता है, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और भी उग्र रूप धारण करेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिवासियों को अपनी जमीन से गहरा लगाव है और वे इसके लिए किसी भी स्तर तक संघर्ष करेंगे.
आंदोलन में भारी संख्या में जुटे ग्रामीण
इस आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन में पूरे धनवार प्रखंड और आस-पास के क्षेत्रों से आए आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए. मुख्य रूप से तुलसी पासवान, कमलेश हेंब्रम, दुखन मुर्मू सहित काफी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे. आंदोलनकारियों ने ब्लॉक मुख्यालय के समक्ष जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी सौंपा. फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर अंचल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है.
(गिरिडीह से मनोज कुमार पिंटू की रिपोर्ट)
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