DGP नियुक्ति विवाद अब 16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई, कपिल सिब्बल ने...
DGP नियुक्ति से जुड़े बहुचर्चित मामले में सुप्रीम कोर्ट अब अगले बुधवार यानी 16 सितंबर को सुनवाई करेगा।
Ranchi: DGP नियुक्ति से जुड़े बहुचर्चित मामले में सुप्रीम कोर्ट अब अगले बुधवार यानी 16 सितंबर को सुनवाई करेगा। अदालत ने यह फैसला ओडिशा के वरिष्ठ IPS अधिकारी सुशांत कुमार नाथ की दलीलों और झारखंड सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की गुजारिश के बाद लिया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय विशेष पीठ में इस पूरे मामले की सुनवाई शुरू हुई।
ओडिशा के आईपीएस का दावा, योग्यता होने के बाद भी काट दिया नाम
सुनवाई की शुरुआत होते ही ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी सुशांत कुमार नाथ की ओर से अदालत में गंभीर सवाल उठाए गए। उनकी दलील थी कि ओडिशा सरकार ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को नए डीजीपी के लिए जो नामों की लिस्ट भेजी है, उसमें उनका नाम शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा डीजीपी पद के लिए तय की गई सभी योग्यताएं वे पूरी करते हैं।
32 साल का बेदाग करियर और प्रेसिडेंट मेडल, फिर भी अनदेखी
आईपीएस अधिकारी ने अपनी याचिका में साफ कहा कि उनका पुलिस सेवा में 32 साल का लंबा और बेदाग इतिहास रहा है। उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी नवाजा जा चुका है। इसके बावजूद राज्य सरकार ने उनका नाम यूपीएससी के पैनल में भेजने से बचा लिया। उन्होंने कोर्ट से गुहार लगाई कि सरकार उन्हें नाम न भेजने की ठोस वजह बताए, जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए और इस पूरे मामले पर जवाब दाखिल करने के लिए उचित समय दे।
कपिल सिब्बल ने रखी झारखंड की बात, अदालत ने दोनों केस जोड़े
इसी दौरान झारखंड सरकार का पक्ष रख रहे देश के जाने-माने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने बेंच से आग्रह किया कि झारखंड से जुड़े DGP नियुक्ति मामले को भी ओडिशा के इसी केस के साथ जोड़कर सुना जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया और दोनों मामलों की एक साथ सुनवाई के लिए 16 सितंबर का दिन मुकर्रर कर दिया। अब अगले बुधवार को अदालत तय करेगी कि डीजीपी चयन प्रक्रिया में राज्यों द्वारा भेजी जा रही सूचियों की कानूनी वैधता क्या है।
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