जमशेदपुर में बाढ़ का खतरा! खतरे के निशान के पार पहुंची स्वर्णरेखा, खरकई नदी पर भी हाई अलर्ट
जमशेदपुर में स्वर्णरेखा नदी खतरे के निशान से 6 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। खरकई नदी भी खतरे के स्तर पर है। प्रशासन ने निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है।

Jamshedpur Flood Alert : लगातार हो रही मानसूनी बारिश और आसपास के विभिन्न जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण जमशेदपुर में स्वर्णरेखा और खरकई नदियों का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। चांडिल कॉम्प्लेक्स के मुख्य अभियंता कार्यालय स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा बुधवार शाम चार बजे जारी दैनिक बुलेटिन के अनुसार, दोनों प्रमुख नदियां खतरे के निशान के ऊपर और बेहद संवेदनशील स्तर पर बह रही हैं। प्रशासन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 24 घंटे लगातार निगरानी बनाए हुए है।
मानगो ब्रिज के पास लाल निशान पार, खतरे के निशान से 6 सेमी ऊपर स्वर्णरेखा
बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के मुताबिक, मानगो ब्रिज के पास स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर शाम चार बजे 121.56 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का लाल निशान 121.50 मीटर निर्धारित है। इस प्रकार नदी फिलहाल खतरे के निशान से करीब छह सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। हालांकि यह जलस्तर 1973 के ऐतिहासिक उच्चतम बाढ़ स्तर (129.82 मीटर) और 2008 के स्तर (126.15 मीटर) से काफी नीचे है, लेकिन खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण नदी किनारे बसे तमाम तटीय और निचले इलाकों में विशेष सावधानी बरती जा रही है।
आदित्यपुर ब्रिज के पास खरकई का रुख चिंताजनक, पर जलस्तर में मामूली गिरावट
दूसरी तरफ खरकई नदी भी आदित्यपुर ब्रिज के आसपास खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जहां खतरे का मानक स्तर 129 मीटर तय है। राहत की बात यह है कि ताजा आंकड़ों में खरकई नदी के जलस्तर में थोड़ा गिरावट का रुझान दर्ज किया गया है। गिरावट के बावजूद प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरत रहा है, क्योंकि ऊपरी क्षेत्रों में बारिश होने या जलाशयों से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने पर जलस्तर में दोबारा तेजी से उछाल आ सकता है।
पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला प्रशासन अलर्ट, निचले इलाकों में सतर्कता की अपील
बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा संबंधित कार्यपालक अभियंताओं से जुटाए गए इन आंकड़ों को पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के जिला प्रशासन तथा चांडिल कॉम्प्लेक्स के मुख्य अभियंता कार्यालय को भेज दिया गया है। नदियों के तटवर्ती और डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। प्रशासनिक टीमें और राहत दल पूरी तरह मुस्तैद हैं ताकि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
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