झारखंड में सत्ता पर काबिज़ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस ने अपनी ही सरकार पर अब प्रहार करना शुरू कर दिया है । राज्य की पुलिसिया व्यवस्था , अधिकारियों के काम काज करने का तरीका और सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़े किए है । झारखंड में गठबंधन सरकार के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। झारखंड में गठबंधन में शामिल कांग्रेस ही अपनी सरकार के ऊपर सवाल खड़े कर रही है। वही अब कांग्रेस और जेएमएम की तल्ख टिप्पणी पर बीजेपी ने भी तंज करना शुरू कर दिया है । राज्य में एक नई राजनीतिक सुगबुगाहट शुरू हो गई है । कांग्रेस प्रदेश के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने आज कहा कि राज्य में पुलिस की निष्क्रियता देखने को मिल रही है। हजारीबाग के विष्णुगढ़ में लड़की के साथ हुई घटना हृदयविदारक है। इस मामले में पुलिस ने अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की है जो दुर्भाग्य जनक है। वहीं प्रदेश अध्यक्ष के समय तो कमलेश ने कहा कि धनबाद में भी पुलिस की चूक देखने को मिली है। इधर सरकार के ऊपर उठाए गए सवाल पर कांग्रेस के प्रभारी ने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दे पर चुप नहीं रहेगी। हम गठबंधन में है पर जनता का मुद्दा हम उठाते रहेंगे।
लेकिन इसके ऊपर जेएमएम प्रवक्ता ने कांग्रेस को हिदायत दी है कि कांग्रेस एक स्वतंत्र पार्टी है ... वह सरकार के अंदर है तो सरकार के अंदर ही इस तरह की बातों को कहे क्योंकि अगर एक उंगली को उठाते हैं तो चार उंगली उनके तरफ भी जाएगी .. असम में कांग्रेस प्रतिद्वंद्वी है लेकिन झारखंड की राजनीति बिल्कुल उलट है ... यहां मजबूती से हमारी सरकार चल रही है।
वही अब इस मामले को लेकर बीजेपी ने भी चुटकी ली है... नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी तंज किया और जेएमएम पर निशाना साधा है ... उन्होंने कहा कि कांग्रेस कितने दिन तक हेमंत सोरेन को बचाएंगे । कांग्रेस कह रही है कि सरकार के स्कूलों की स्थिति बेहद खराब है । कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है । यहां कुछ काम नहीं हो रहा है और सरकार स्वीकार कर रही है क्योंकि कांग्रेस स्वीकार कर रही है । यहां जमीनों की लूट हो रही है सरकार के संरक्षण में । कांग्रेस अपने को बचाने के लिए आज सरकार के खिलाफ खड़ी हो रही है । अगर कांग्रेस को पता है तो इसको ठीक करना चाहिए और जनता को बरगलाना नहीं चाहिए। अब इन सभी चीजों के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से गठबंधन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन दिनों असम के दौरे पर है और वहां अपने पार्टी के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार कर रहे है । लेकिन कांग्रेस के प्रभारी और अध्यक्ष के बयान के बाद एक बार फिर से गठबंधन दलों में खीस देखने को मिल रही है । चुनाव असम में हो रहा है लेकिन झारखंड की राजनीति भी अब गर्माती दिख रही है .









