'सांसद-विधायक कोटे की 10% हिस्सेदारी सुनिश्चित करे निगम!', सरयू राय ने अपर नगर आयुक्त को लिखा पत्र
सरयू राय ने मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त को पत्र लिखकर विकास योजनाओं में सांसद-विधायक अनुशंसा के लिए निर्धारित 10% हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की मांग की।

जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम क्षेत्र में विकास योजनाओं के चयन और उनके क्रियान्वयन को लेकर जनप्रतिनिधियों की निर्धारित भागीदारी सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने सोमवार को मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त को एक विस्तृत पत्र भेजकर 18 अगस्त को प्रस्तावित बोर्ड बैठक में पेश की जाने वाली विकास योजनाओं की कार्यसूची को सरकारी प्रावधानों के अनुरूप संशोधित करने का आग्रह किया है।
नाली, सड़क और नागरिक सुविधाओं के फंड आवंटन का दिया ब्योरा
विधायक सरयू राय ने पत्र में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा नगर निकायों को उपलब्ध कराई जाने वाली विकास राशि के उपयोग को लेकर तय नियमों का अक्षरशः पालन होना चाहिए। उन्होंने नियमावली का हवाला देते हुए बताया कि नाली निर्माण के लिए प्राप्त कुल राशि में से 60 प्रतिशत हिस्सा वार्ड स्तर की योजनाओं और 40 प्रतिशत हिस्सा निकाय स्तर की योजनाओं पर खर्च करने का प्रावधान है। वहीं सड़क निर्माण मद में 40 प्रतिशत राशि वार्ड स्तर पर तथा 60 प्रतिशत राशि निकाय स्तर की योजनाओं के लिए निर्धारित है। इसी तरह नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए 20 प्रतिशत राशि वार्ड स्तर और 80 प्रतिशत राशि निकाय स्तर की योजनाओं पर खर्च की जानी चाहिए।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की अनुशंसा के लिए 30 प्रतिशत कोटा तय
सरयू राय के अनुसार, नगर निकायों को विकास कार्यों के लिए मिलने वाली कुल राशि में से 70 प्रतिशत राशि निकाय बोर्ड द्वारा चयनित योजनाओं पर खर्च होती है, जबकि शेष 30 प्रतिशत राशि जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक पदाधिकारियों की अनुशंसा पर आधारित योजनाओं के लिए आरक्षित रहती है। उन्होंने बताया कि इस 30 प्रतिशत कोटे में से 10 प्रतिशत महापौर, 5 प्रतिशत उपमहापौर, 5 प्रतिशत नगर आयुक्त तथा 10 प्रतिशत राशि स्थानीय सांसद एवं विधायक की अनुशंसा पर चयनित योजनाओं पर खर्च करने का स्पष्ट प्रावधान है।
जन आकांक्षाओं को शामिल करने और संतुलित विकास पर जोर
विधायक ने रेखांकित किया कि योजनाओं के चयन में जनप्रतिनिधियों की विधिवत भागीदारी का मूल उद्देश्य स्थानीय जनता की वास्तविक जरूरतों, जमीनी समस्याओं और जन आकांक्षाओं को विकास कार्यों में शामिल करना है। उन्होंने अपर नगर आयुक्त से आग्रह किया कि 18 अगस्त की बोर्ड बैठक में प्रस्तुत की जाने वाली अंतिम सूची को इन सभी वैधानिक प्रावधानों के अनुसार ही तैयार किया जाए। तय हिस्सेदारी का पालन होने से सभी वार्डों की स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ एक से अधिक वार्डों को जोड़ने वाली प्रमुख और बड़ी निकाय स्तरीय योजनाओं को भी प्राथमिकता मिल सकेगी।
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

परीक्षा रद्द होते ही झारखंड में बड़ा प्रशासनिक संकट!, खाली हो गईं सैकड़ों कुर्सियां, ठप्प पड़ा सरकारी काम

'सुप्रीम कोर्ट से जीते, पर सिस्टम से हार रहे युवा!', JAP-1 ग्राउंड में दिनभर भटके झारखंड कांस्टेबल भर्ती के 888 अभ्यर्थी







