सिमडेगा में फर्जी NGO बनाकर नौकरी के नाम पर 6 करोड़ की ठगी, 900 शिकार, मास्टरमाइंड समेत 6 गिरफ्तार
सिमडेगा जिले में नौकरी का झांसा देकर बेरोजगारों की जेब पर डाका डालने वाले एक बड़े गिरोह पर पुलिस ने जोरदार प्रहार किया है।

Simdega: सिमडेगा जिले में नौकरी का झांसा देकर बेरोजगारों की जेब पर डाका डालने वाले एक बड़े गिरोह पर पुलिस ने जोरदार प्रहार किया है। सुरक्षा राशि (सिक्योरिटी मनी) के नाम पर जिले भर में करीब 900 लोगों से 5 से 6 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले इस संगठित रैकेट का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने छह आरोपियों को दबोच लिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी ने उजागर किया नेटवर्क
पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि बानो और कुरडेगा थाना क्षेत्र के ग्रामीणों ने VSK फाउंडेशन नामक एक एनजीओ के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं। ग्रामीणों का आरोप था कि संस्था ने नौकरी देने के नाम पर उनसे मोटी रकम ऐंठ ली और बाद में धोखाधड़ी की। मामले को गंभीरता से लेते हुए बानो थाने में कांड संख्या 27/26 और कुरडेगा थाने में कांड संख्या 36/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
SIT का बड़ा एक्शन, तकनीकी सुरागों से पकड़े गए 6 आरोपी
शिकायतों के आधार पर एसपी के निर्देश पर सीनियर डीएसपी, एसडीपीओ और अन्य पुलिस अफसरों के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। एसआईटी ने सर्विलांस और जमीनी खुफिया सूचनाओं के सहारे जाल बिछाया और गिरोह के छह सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों के पास से ठगी से जुड़े कई अहम कागजात, रजिस्टर और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
पद के हिसाब से तय थी वसूली की दर
जांच में सामने आया कि आरोपी एनजीओ की आड़ में एक सुनियोजित मल्टी-लेवल मार्केटिंग मॉडल चला रहे थे। आकर्षक वेतन का सपना दिखाकर बेरोजगार युवाओं से पदों के हिसाब से सिक्योरिटी मनी वसूली जाती थी। इसमें स्टेट हेड के लिए 3 लाख रुपये, डिस्ट्रिक्ट हेड के लिए 1.50 लाख रुपये, ब्लॉक कॉर्डिनेटर के लिए 60 हजार रुपये और सेंटर इंचार्ज के पद के लिए 40 हजार रुपये तक की वसूली की जाती थी।
ठगी के पैसों से बनाई निजी जायदाद, कुर्क होगी संपत्ति
पुलिस के अनुसार, युवाओं से लूटे गए करोड़ों रुपयों का इस्तेमाल आरोपियों ने अपने नाम पर निजी संपत्तियां और जमीन-जायदाद खरीदने में किया। एसपी ने कहा कि पीड़ितों की गाढ़ी कमाई वापस कराने के मकसद से पुलिस अब आरोपियों द्वारा अर्जित की गई अवैध संपत्तियों को कुर्क करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर रही है।
ये आरोपी पहुंचे सलाखों के पीछे
पुलिस ने जिन छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें अशोक साय, ओम प्रकाश, एनिस केरकेट्टा, सरोज केरकेट्टा, गौरती केरकेट्टा और कुन्दन शर्मा शामिल हैं। पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

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