दुमका में अवैध मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश, कोलकाता STF के इनपुट पर आधी रात पुलिस की बड़ी रेड
दुमका जिले के हंसडीहा थाना क्षेत्र में पुलिस ने देर रात एक गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है।

Dumka: दुमका जिले के हंसडीहा थाना क्षेत्र में पुलिस ने देर रात एक गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। रामगढ़ मोड़ स्थित रेलवे ओवरब्रिज के पास एक होटल के बगल में मौजूद मकान में यह अवैध धंधा चल रहा था। पुलिस ने मौके से हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली भारी मशीनें और कई उपकरण जब्त कर उस परिसर को पूरी तरह सील कर दिया है।
कोलकाता STF के इनपुट पर शुरू हुआ एक्शन
इस पूरे मामले की जड़ें पश्चिम बंगाल से जुड़ी हैं। कुछ दिन पहले कोलकाता स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने दो हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया था। कड़ी पूछताछ के दौरान पकड़े गए तस्करों ने खुलासा किया था कि झारखंड के दुमका जिले के हंसडीहा में बड़े पैमाने पर अवैध पिस्टल और देशी कट्टे तैयार किए जा रहे हैं। कोलकाता एसटीएफ ने तुरंत यह गोपनीय जानकारी झारखंड पुलिस के साथ साझा की, जिसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस टीमों ने संयुक्त योजना तैयार की।
हथियार बनाने का पूरा सेटअप देख चौंक गई पुलिस
सूचना पुख्ता होते ही दुमका पुलिस ने देर रात संदिग्ध मकान को चारों तरफ से घेर लिया और सुनियोजित तरीके से छापेमारी की। जब पुलिस टीम अंदर दाखिल हुई, तो वहां हथियार निर्माण की पूरी यूनिट लगी हुई थी। मौके से लेथ मशीन, ड्रिल मशीन, कटर मशीन, ग्राइंडर और कई अन्य ऐसे तकनीकी उपकरण बरामद किए गए, जिनका इस्तेमाल अवैध हथियार ढालने और फिनिशिंग देने में किया जाता था।
एसपी समेत कई थानों की फोर्स ने की सघन जांच
छापेमारी की सूचना मिलते ही दुमका पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार खुद मौके पर पहुंचे और सील की गई मिनी गन फैक्ट्री का बारीकी से मुआयना किया। इस अभियान में हंसडीहा सर्किल इंस्पेक्टर प्रियंका आनंद, हंसडीहा थाना प्रभारी अजीत यादव, सरैयाहाट थाना प्रभारी अनुज कुमार, रामगढ़ थाना प्रभारी मनीष कुमार, जामा थाना प्रभारी अजीत कुमार और कोलकाता एसटीएफ की टीम मौजूद रही।
हथियार नेटवर्क की तह तक जाने में जुटी पुलिस
दुमका एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने बताया कि कोलकाता एसटीएफ द्वारा पकड़े गए आरोपियों से मिली लीड के आधार पर यह सफल कार्रवाई की गई है। मौके से बरामद मशीनों को जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह अवैध फैक्ट्री कब से चल रही थी, इसका मुख्य संचालक कौन है और यहां से तैयार हथियार किन-किन आपराधिक गिरोहों तक पहुंचाए जा रहे थे। मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

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