BSF को मिले 140 जांबाज जवान, हजारीबाग मेरु कैंप में भव्य पासिंग आउट परेड, देश सेवा की ली शपथ
हजारीबाग के मेरु कैंप स्थित ऐतिहासिक रानी लक्ष्मीबाई परेड ग्राउंड में शनिवार का दिन बेहद खास रहा।
Hazaribagh: हजारीबाग के मेरु कैंप स्थित ऐतिहासिक रानी लक्ष्मीबाई परेड ग्राउंड में शनिवार का दिन बेहद खास रहा। यहां आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के साथ ही 140 नए जवान औपचारिक रूप से सीमा सुरक्षा बल (BSF) का अटूट हिस्सा बन गए। पूरे ग्राउंड में गूंजते 'भारत माता की जय' के नारों और देशभक्ति की धुनों के बीच इन जवानों ने तिरंगे को साक्षी मानकर देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा की शपथ ली।
44 हफ्तों की भट्टी में तपकर बने फौलाद
इन जवानों ने मेरु कैंप में लगातार 44 हफ्तों का कड़ा और अनुशासन से भरा बुनियादी प्रशिक्षण पूरा किया है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद जवानों ने परेड ग्राउंड पर जो सधा हुआ मार्च पास्ट और तालमेल दिखाया, उसने वहां मौजूद हर शख्स का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। इस बैच की सबसे बड़ी खूबसूरती इसकी विविधता रही-इसमें केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक समेत देश के कई अलग-अलग राज्यों के नौजवान शामिल थे, जो एक साथ कंधे से कंधा मिलाकर निकले हैं।
हथियार से लेकर मानवाधिकार तक की ट्रेनिंग
प्रशिक्षण केंद्र के महानिरीक्षक (IG) धीरेंद्र संभाजी कुटे ने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान जवानों को सिर्फ शारीरिक रूप से मजबूत नहीं बनाया गया, बल्कि आधुनिक हथियार चलाने, सैन्य कानून, अंतरराष्ट्रीय नियम और मानवाधिकारों की बारीकियां भी सिखाई गईं। इसके साथ ही आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने की खास रणनीतियों, खेलकूद और सामाजिक दायित्वों से जुड़े गुर सिखाकर उन्हें हर कठिन चुनौती के लिए तैयार किया गया है।
संवेदनशील सीमाओं और नक्सल मोर्चों पर होगी तैनाती
समारोह के दौरान बीएसएफ बैंड ने देशभक्ति की जोशीली धुनें बजाकर समां बांध दिया, वहीं जवानों ने कई पारंपरिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। अब ये सभी जवान देश सेवा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में तैनात किया जाएगा, जहां इन्हें नक्सल प्रभावित इलाकों के साथ-साथ पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसी बेहद संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर देश की रक्षा की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
परिजनों की आंखें गर्व से नम, हजारीबाग का मान बढ़ा
समारोह में शामिल हुए जवानों के माता-पिता और परिजनों को बधाई देते हुए आईजी धीरेंद्र संभाजी कुटे ने कहा कि अपने बच्चों को सीमा सुरक्षा बल में भेजकर परिवारों ने राष्ट्र सेवा में बहुत बड़ा योगदान दिया है। अपने बेटों को वर्दी में सीना ताने खड़ा देख कई माता-पिता की आंखें खुशी और गर्व से छलक उठीं। मेरु कैंप से प्रशिक्षित होकर इतने सारे जांबाजों का सरहद की हिफाजत के लिए निकलना पूरे हजारीबाग के लिए भी फख्र की बात है।
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