रांची RSS कार्यालय बमबारी कांड में बड़ा खुलासा: पाकिस्तान के आतंकी संगठन ISI से है आरोपियों का कनेक्शन
दोनों आरोपियों में से एक सैफ पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था. पुलिस उसे गाड़ी से वापस रांची ला रही थी, तब उसने रास्ते में सुरक्षाकर्मियों से हथियार छीनकर दोबारा भागने का प्रयास किया. पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में सैफ के पैर में गोली लगी.

Ranchi, Jharkhand : राजधानी रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर पिछले दिनों हुए पेट्रोल बम हमले के मामले में पुलिस ने एक अत्यंत चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा किया है. इस हमले में शामिल दो मुख्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जिनके तार पाकिस्तान और दुबई से संचालित नेटवर्क से जुड़े होने की बात सामने आ रही है. प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों का कनेक्शन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और अन्य आतंकी संगठनों से बताया जा रहा है, जिन्होंने कथित तौर पर पाकिस्तान से ही रांची स्थित इस कार्यालय की लोकेशन भेजी थी.
कोतवाली थाने की हाजत से फरार हुआ था मुख्य आरोपी सैफ
इस पूरे घटनाक्रम में उस समय भारी प्रशासनिक और सुरक्षात्मक हड़कंप मच गया, जब पुलिस हिरासत में लिया गया मुख्य आरोपी सैफ रांची के कोतवाली थाने की हाजत की खिड़की तोड़कर अचानक फरार हो गया. सैफ के भागने की यह पूरी घटना कोतवाली थाने में लगे CCTV कैमरे में भी कैद हो गई थी. पुलिस कस्टडी से आरोपी के इस तरह भाग जाने के बाद रांची पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई और जिले के सभी निकास मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया गया.
मांडर टोल प्लाजा के पास दोबारा गिरफ्तारी और एनकाउंटर
फरार आरोपी सैफ को पकड़ने के लिए गठित विशेष टीम ने त्वरित तकनीकी और व्यावहारिक अनुसंधान के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रैक की. पुलिस ने मांडर टोल प्लाजा के पास एक यात्री बस को रोककर सैफ को दोबारा दबोच लिया. इसके बाद जब पुलिस उसे गाड़ी से वापस रांची ला रही थी, तब उसने रास्ते में सुरक्षाकर्मियों से हथियार छीनकर दोबारा भागने का प्रयास किया. आत्मरक्षा और आरोपी को रोकने के लिए पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में सैफ के पैर में गोली लगी. इस हाफ एनकाउंटर में घायल होने के बाद उसे कड़े पहरे में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
दुबई में बना था संपर्क, एक सप्ताह पहले रची गई थी साजिश
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि इस मामले में सैफ के अलावा अमन अंसारी और सायन खान को भी गिरफ्तार किया गया है. सूत्रों के अनुसार, इन आरोपियों का संपर्क दुबई यात्रा के दौरान आईएसआई के भट्टी नामक एक हैंडलर से हुआ था. इस हमले की पूरी साजिश करीब एक सप्ताह पहले रची गई थी. पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स द्वारा डिजिटल माध्यम से रांची के संघ कार्यालय की सटीक लोकेशन इन आरोपियों को उपलब्ध कराई गई थी, जिसके बाद इस पेट्रोल बम हमले को अंजाम दिया गया. फिलहाल, पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियां पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल डेटा और वित्तीय लेन-देन की गहनता से तफ्तीश कर रही हैं.
(कमल कुमार और शाही अली की रिपोर्ट)
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