गिरिडीह जिला प्रशासन की बड़ी बैठक: NEET परीक्षा और मुहर्रम को लेकर डीसी-एसपी ने दिए सख्त निर्देश
गिरिडीह समाहरणालय में शनिवार को नीट (NEET) परीक्षा के सफल संचालन और मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने को लेकर दो अलग-अलग उच्चस्तरीय बैठकें हुईं. उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था व कड़े नियमों को लेकर सभी थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए.

Giridih, Jharkhand : जिले में विधि-व्यवस्था और आगामी राष्ट्रीय परीक्षा के शांतिपूर्ण व निष्पक्ष संचालन को लेकर शनिवार को गिरिडीह जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया. गिरिडीह समाहरणालय में जिला प्रशासन द्वारा दो महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठकों का आयोजन किया गया. यह बैठकें विशेष रूप से नीट (NEET) परीक्षा की सुरक्षा तैयारियों और आगामी मुहर्रम पर्व के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर की गईं. बैठकों की अध्यक्षता संयुक्त रूप से उपायुक्त रामनिवास यादव और पुलिस अधीक्षक डॉक्टर विमल कुमार ने की. इस अवसर पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) धीरेंद्र प्रसाद सहित जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारी और सभी थानों के प्रभारी मुख्य रूप से मौजूद रहे.
मुहर्रम पर डीजे और आग के खेल पर रहेगी पूर्ण पाबंदी
मुहर्रम पर्व को लेकर आयोजित बैठक में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए कई कड़े और जरूरी निर्देश जारी किए गए. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मुहर्रम के जुलूस के दौरान डीजे बजाने पर पूरी तरह से सख्ती बरती जाएगी. इसके साथ ही, पारंपरिक खेल के दौरान आग के लुक (आग से जुड़े खतरनाक करतबों) के प्रदर्शन पर भी पूर्ण पाबंदी लगाने का निर्णय लिया गया है. सभी थाना प्रभारियों को कड़ा निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक कर लें. यह भी सुनिश्चित किया जाए कि हर अखाड़ा कमेटी प्रशासन द्वारा पूर्व से निर्धारित और तय रूट (रास्ते) से ही अपने जुलूस और खेल की नुमाइश करेगी. किसी भी नए रूट पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
नीट परीक्षा केंद्र के 500 मीटर के दायरे में रुकने पर रोक
दूसरी तरफ, देश भर में नीट परीक्षा को लेकर की जा रही तैयारियों के क्रम में गिरिडीह में भी प्रशासनिक स्तर पर कड़े कदम उठाए गए हैं. परीक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन की टीम द्वारा शहर के बड़े होटलों और लॉज की सघन जांच की गई है. उपायुक्त रामनिवास यादव और एसपी डॉक्टर विमल कुमार ने निर्देश जारी किया है कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र से 500 मीटर की परिधि (दूरी) के भीतर किसी भी बाहरी या अनावश्यक व्यक्ति के रुकने या खड़े होने पर पूर्ण रोक रहेगी. परीक्षा के सफल संपादन के लिए केंद्रों के आस-पास सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे.
शारीरिक जांच के बाद ही प्रवेश, संदिग्ध मिलने पर होगी गिरफ्तारी
प्रशासन ने परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार के कदाचार या पेपर लीक जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए पुख्ता रणनीति बनाई है. अधिकारियों ने निर्देश दिया है कि केंद्र के मुख्य द्वार पर एक-एक छात्र की गहनता से शारीरिक (फिजिकल) जांच की जाएगी, जिसके बाद ही उन्हें भीतर जाने की अनुमति मिलेगी. जांच के दौरान यदि किसी भी परीक्षार्थी के पास से मोबाइल, ब्लूटूथ या अन्य किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिलता है, तो वैसे छात्रों को तत्काल पुलिस हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जाएगी. परीक्षा केंद्रों के भीतर किसी भी अनधिकृत या अनावश्यक व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. केंद्रों के अंदर तैनात पुलिस अधिकारियों और कार्यपालक दंडाधिकारियों को जांच और कार्रवाई के पूरे अधिकार दिए गए हैं.
(गिरिडीह से मनोज की रिपोर्ट)
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