वोटर लिस्ट में गड़बड़ी रोकने के लिए AI और तकनीक का सहारा, रांची में चुनाव आयोग की बड़ी अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस
रांची में वोटर रजिस्ट्रेशन एंड रजिस्टर्स 2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हुआ। चुनाव आयोग ने AI, आधुनिक डेटाबेस और फील्ड वेरिफिकेशन के जरिए मतदाता सूची में गड़बड़ी रोकने पर जोर दिया।

Voter Registration : झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय और झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUJ) की संयुक्त पहल पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘वोटर रजिस्ट्रेशन एंड रजिस्टर्स 2026’ का बुधवार को रांची के एनयूएसआरएल में भव्य शुभारंभ हुआ। इस खास कार्यक्रम में आईआईएम रांची, एनयूएसआरएल और सेंट जेवियर्स कॉलेज नॉलेज पार्टनर की भूमिका निभा रहे हैं। उद्घाटन समारोह में भारत निर्वाचन आयोग के प्रधान सचिव अरविंद आनंद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुए इस सत्र में वोटर रजिस्ट्रेशन से जुड़ी दो पुस्तकों और स्मारिका का औपचारिक विमोचन भी किया गया।
दुनिया भर के मॉडल्स से सीखने की तैयारी
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि इस आयोजन का मकसद केवल वर्तमान में चल रहे वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर में अपनाई जा रही आधुनिक व्यवस्थाओं से सीखकर अपने सिस्टम को और बेहतर बनाना है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन के लिए देश-विदेश के 800 से अधिक विश्वविद्यालयों और संस्थानों से संपर्क किया गया था, जहां से 230 शोध-सार प्राप्त हुए। इनमें से गहन जांच के बाद 58 चुनिंदा शोध-पत्रों को चर्चा और प्रकाशन के लिए चुना गया है। इन महत्वपूर्ण सुझावों को ऑनलाइन और बुकलेट के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा ताकि भविष्य में चुनावी सुधारों में इनकी मदद ली जा सके।
जमीनी पड़ताल के साथ आधुनिक डेटाबेस का मेल
के. रवि कुमार ने बताया कि दुनिया के कई देशों में ऑटोमैटिक और डिजिटल रजिस्ट्रेशन सिस्टम चल रहा है, लेकिन भारत की सबसे बड़ी ताकत यहां का मजबूत संवैधानिक ढांचा और फील्ड वेरिफिकेशन यानी जमीन पर जाकर की जाने वाली जांच है। इसमें राजनीतिक दलों की भी मदद ली जाती है, ताकि किसी भी पात्र नागरिक का नाम छूटने न पाए और कोई फर्जी नाम लिस्ट में जुड़ न सके। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में किसी भी तरह की गड़बड़ी को पकड़ने के लिए अब आधुनिक डेटाबेस और नई तकनीक का तेजी से इस्तेमाल किया जा रहा है।
AI के सही इस्तेमाल और युवाओं की भागीदारी पर जोर
सम्मेलन में शामिल विभिन्न संस्थानों के प्रमुखों ने भी अपने विचार साझा किए। एनयूएसआरएल के कुलपति प्रो. अशोक आर. पाटिल ने कहा कि पारदर्शी और साफ-सुथरी वोटर लिस्ट ही किसी भी निष्पक्ष चुनाव की पहली सीढ़ी है। वहीं, सेंट जेवियर्स कॉलेज के प्राचार्य फादर रॉबर्ट प्रदीप कुजूर ने तेजी से बढ़ रहे शहरों और पलायन के बीच युवाओं और वंचितों को वोटर लिस्ट से जोड़ने तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सही इस्तेमाल करने पर बल दिया।
वोटर ही लोकतंत्र का असली आधार
सीयूजे के कुलपति प्रो. सारंग मेधेकर ने कहा कि भारत जैसे बड़े देश में चुनाव संपन्न कराना लॉजिस्टिक्स की दृष्टि से बहुत बड़ा काम है, जिसमें नई तकनीकों के आने से सहूलियत के साथ-साथ नई चुनौतियां भी आ रही हैं। कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार ने कहा कि लोकतंत्र के केंद्र में आम जनता ही है, इसलिए वोटर लिस्ट को हर हाल में पारदर्शी और पूरी तरह अपडेट रखना चुनाव प्रबंधन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
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