रांची के वकीलों का बड़ा फैसला, 7 अगस्त को सिविल कोर्ट का कामकाज रहेगा ठप
एसोसिएशन ने अन्य न्यायिक मंचों पर जारी अनिश्चितकालीन बहिष्कार जारी रखने तथा प्रस्ताव का उल्लंघन करने वाले अधिवक्ताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।

Ranchi Civil Court: रांची जिला बार एसोसिएशन (RDBA) ने अधिवक्ताओं के आंदोलन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। 6 अगस्त 2026 को नए बार भवन के प्रथम तल पर हुई बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर 7 अगस्त को व्यवहार न्यायालय (Civil Court) में न्यायिक कार्य से अलग रहने का निर्णय लिया गया।
एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया कि SDO कोर्ट (एक्जीक्यूटिव कोर्ट), LRDC कोर्ट, DC कोर्ट, आयुक्त (कमिश्नर) न्यायालय और अन्य न्यायिक मंचों में अधिवक्ताओं का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पहले की तरह जारी रहेगा।
10 अगस्त को तय होगी आगे की रणनीति
बार एसोसिएशन ने बताया कि 10 अगस्त (सोमवार) को फिर से बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति और न्यायिक कार्य को लेकर अगला फैसला सर्वसम्मति से लिया जाएगा।
प्रस्ताव तोड़ा तो होगी कार्रवाई
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई अधिवक्ता किसी भी न्यायालय, ट्रिब्यूनल, सेल्स टैक्स या अन्य न्यायिक मंच पर कार्य करता पाया जाता है, तो उसकी फोटो या अन्य साक्ष्य एसोसिएशन को उपलब्ध कराए जाएं।
ऐसे अधिवक्ताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्हें बार एसोसिएशन की ओर से मिलने वाली सुविधाओं से भी वंचित किया जा सकता है।
अधिवक्ताओं से एकजुट रहने की अपील
बार एसोसिएशन की एड-हॉक कमेटी के सदस्य शंभू प्रसाद अग्रवाल, संजय कुमार विद्रोही और मुकेश कुमार केशरी ने सभी अधिवक्ताओं से एसोसिएशन के प्रस्ताव का पालन करने और अधिवक्ता समाज की एकता एवं गरिमा बनाए रखने की अपील की है।
रांची जिला बार एसोसिएशन के इस फैसले का असर शुक्रवार को सिविल कोर्ट की कार्यवाही पर साफ तौर पर देखने को मिल सकता है, जबकि अन्य कई न्यायिक मंचों पर बहिष्कार पहले से जारी रहेगा।
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