BIG BREAKING: स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव पर पूर्व रिम्स निदेशक के गंभीर आरोप, मंत्री को लिखे गोपनीय पत्र में उत्पीड़न और साजिश का दावा
राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के पूर्व निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी प्रो. (डॉ.) राजकुमार ने स्वास्थ्य मंत्री एवं रिम्स शासी परिषद के अध्यक्ष को 8 जून को ही एक गोपनीय पत्र लिखकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव पर गंभीर आरोप लगाए थे

रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के पूर्व निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी प्रो. (डॉ.) राजकुमार ने स्वास्थ्य मंत्री एवं रिम्स शासी परिषद के अध्यक्ष को 8 जून को ही एक गोपनीय पत्र लिखकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव पर गंभीर आरोप लगाए थे। डॉ राजकुमार ने अपने इस्तीफा से पहले स्वास्थ्य मंत्री को लिखा था पत्र। पत्र में उन्होंने दावा किया है कि 12 फरवरी 2024 को निदेशक का पदभार संभालने के बाद से उन्होंने रिम्स के चौमुखी विकास, मरीजों के लिए सुविधाओं के विस्तार, जर्जर भवनों के जीर्णोद्धार, नए पाठ्यक्रम शुरू कराने और सीटें बढ़ाने जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य किए। इसके बावजूद पिछले एक वर्ष से उन्हें लगातार विभागीय स्तर पर प्रताड़ित किया जा रहा है और पद से हटाने के प्रयास किए जा रहे है।
पत्र में निदेशक ने घटनाक्रम का सिलसिलेवार उल्लेख करते हुए कहा है कि 15 अप्रैल 2025 को हुई शासी परिषद की 59वीं बैठक में उन पर अनावश्यक दबाव बनाया गया। इसके अगले दिन, 16 अप्रैल 2025 को दिल्ली में ट्राइबल कमीशन के समक्ष उपस्थित रहने के दौरान उनके खिलाफ आदेश जारी कर यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने शासी परिषद और विभाग के निर्देशों का पालन नहीं किया, जिसके आधार पर उन्हें पद से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। निदेशक का कहना है कि उन्होंने इस आदेश को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी, जहां न्यायालय ने उनकी सेवा समाप्ति पर रोक लगा दी और बाद में सरकार ने स्वयं टर्मिनेशन आदेश वापस ले लिया।
इसके बावजूद 9 मई 2025 को उन्हें 11 बिंदुओं पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। निदेशक का दावा है कि सभी आरोप तथ्यहीन थे और उन्होंने प्रत्येक बिंदु का दस्तावेजों के साथ जवाब दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शासी परिषद के सदस्यों से परिपत्र के माध्यम से उन्हें हटाने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया गया, जबकि स्थानीय विधायक और सांसद सहित कई सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि यह प्रस्ताव सदस्य सचिव तक को नहीं भेजा गया, जो पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।
पत्र में आगे कहा गया है कि कारण बताओ नोटिस के खिलाफ भी उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर न्यायालय ने अंतरिम राहत देते हुए आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी। इसके बावजूद शासी परिषद की 61वीं, 62वीं, 63वीं और 64वीं बैठकों में बार-बार उन्हें हटाने से संबंधित एजेंडा लाया गया। हालांकि न्यायालय के निर्देशों और लंबित न्यायिक प्रक्रिया के कारण इस पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका। निदेशक ने आरोप लगाया कि बाद में बैठक की कार्यवाही में संशोधन कर पूर्व के निर्णयों को भी बदल दिया गया।
डॉ. राजकुमार ने यह भी आरोप लगाया कि मीडिया के कुछ वर्गों के माध्यम से आधी-अधूरी जानकारी के आधार पर उनके खिलाफ खबरें प्रकाशित कराई गईं और उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार दबाव बनाकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया गया। स्थायी वित्त एवं लेखा समिति की बैठकों में भी उन पर अनावश्यक दबाव डाला गया और विभिन्न प्रशासनिक मामलों को लेकर विवाद खड़ा किया गया।
पत्र में उन्होंने अपने पुत्र के रिम्स में सीनियर रेजिडेंट पद पर चयन और उसके बाद नियुक्ति स्थगित करने की कार्रवाई का भी उल्लेख किया है। निदेशक का कहना है कि उनके पुत्र का चयन विधिवत प्रक्रिया से हुआ था, लेकिन बाद में नियुक्ति पर रोक लगाकर जांच बैठा दी गई। इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने भी अंतरिम आदेश पारित करते हुए नियुक्ति स्थगन पर रोक लगाई और स्पष्ट टिप्पणी की कि ऐसा निर्देश जारी करने का अधिकार केवल गवर्निंग बॉडी को है। इसके बावजूद प्रमंडलीय आयुक्त स्तर पर जांच जारी रखी गई, जबकि मामला न्यायालय में लंबित था।
अपने पत्र के अंत में रिम्स निदेशक ने स्वास्थ्य मंत्री से अनुरोध किया है कि उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर चल रही कथित उत्पीड़नात्मक कार्रवाई को तत्काल रोका जाए और रिम्स में सामान्य प्रशासनिक वातावरण बहाल किया जाए, ताकि संस्थान का विकास, मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कार्य बिना किसी व्यवधान के जारी रह सकें। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से न केवल उन्हें मानसिक पीड़ा हुई है, बल्कि रिम्स और स्वास्थ्य विभाग की छवि भी प्रभावित हुई है।
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

रेलवे लाइन पार करने के दौरान मालगाड़ी की चपेट में आया युवक, हाथ-पैर कटे

SIR-2026 के सफल संचालन को लेकर प्रमंडलीय आयुक्त ने की समीक्षा बैठक







