कुत्तों के व्यवहार संबंधी समस्याएं, किन परिस्थितियों में आक्रामक होते हैं पालतू कुत्ते?
कुत्तों को महज पालने भर से कोई पशु प्रेमी नहीं बन जाता. इसके लिए उनके व्यवहार संबंधी समझ आवश्यक होती है. साथ ही उनका ख्याल भी रखना बहुत आवश्यक होता है. आइए कुत्तों से जुड़े कुछ व्यवहारों को समझने का प्रयास करें.

बहुत बार ऐसी परिस्थितियां आती हैं, जब घर पर पाले हुए कुत्ते अपने मालिक पर ही आक्रामक हो उठते हैं. कई बार काट भी लेते हैं. लेकिन इनका यह आक्रामक व्यवहार अकारण नहीं होता. अगर आपने घर में कुत्ता रखा है, तो इन परिस्थितियों के बारे में जानकारी होना बहुत आवश्यक है.

कई बार डर के कारण हो जाते हैं आक्रामक
कुत्तों से अपेक्षा की जाती है कि वे कभी भी काटें तो वह घर का सदस्य न हो. ये अपेक्षाएं सही भी हैं. लेकिन बहुत बार कुत्तों के काटने का कारण डर या दर्द भी हो सकता है. किसी भी कारण से कुत्ता अगर डरा हुआ है, तो सबसे पहले आपको इसका पता होना जरूरी है. डर की स्थिति में कुत्ते अपनी पूंछ को सीधा कर झुका लेते हैं, बिल्कुल अपने शरीर से सटाकर. इस वक्त उनका कान भी झुका हुआ होता है. इस समय बहुत से कुत्तों को अचानक जाकर छूना, डराना या जोर से बोलना खतरनाक हो सकता है. वह अपनी रक्षा करने की खातिर आप पर हमला कर सकता है.
ऐसी परिस्थिति में आपको उसके करीब धीरे-धीरे जाना चाहिए, ठहर-ठहर कर उसके प्रति दुलार दिखाते हुए. जब आप उसके करीब पहुंच जाएं तो उसकी ओर हल्के से हाथ बढ़ाएं और पहले उंगलियों से फिर हाथ से उसके बदन को सहलाएं. लेकिन ये सब के दौरान सावधान रहना भी आवश्यक है. साथ ही उसे प्रिय लगने वाला कुछ उसके खाने योग्य वस्तु जैसे बिस्किट आदि उसकी ओर बढ़ाएं. इन सब ने उसे यह विश्वास हो जाएगा कि आप उसे नुकसान नहीं पहुंचाएंगे. फिर वह भी आपके प्रति विश्वास की दृष्टि से देखने लगेगा.

अवसाद भी हो सकता है एक कारण
कुत्तों के आक्रामक होने का कारण आपका उसके प्रति व्यवहार भी हो सकता है. अगर घर के सदस्य उसे प्यार न करें, उसके साथ कोई समय न व्यतीत करे, या उससे दिन में कुछ वक्त खेलता हुआ न बिताए तो कुत्तों के व्यवहार में बहुत गहरा परिवर्तन आता है. वह अनमने से रहने लगते हैं, खाने की नियमितता गिरने लगती है. कभी बहुत अच्छे से खाएंगे, तो कभी छुएंगे तक नहीं. कभी आप उन्हें खाना दे दें, फिर उन्हें छूने का प्रयास करें तो उस वक्त भी वह आक्रामक हो उठते हैं. संभव है कि आप पर हमला भी कर दें. उन्हें ऐसे में खाना देने वाले पर विश्वास नहीं हो पाता और असुरक्षा की भावना में आकर वे हमला करने की स्थिति में आ जाते हैं.

बच्चों की तरह रखें उनका ख्याल
घर पर यदि आपने कुत्ते रखें हैं तो यह आपकी जिम्मेदारी है कि उसके साथ क्वालिटी टाइम बिताएं. उनसे ठीक घर के बच्चों की तरह पेश आना होता है. भारत के अधिकांश घरों में कुत्तों को बांधकर छोड़ दिया जाता है. दिन भर वे बंधे रहते हैं और रात को उन्हें खोला जाता है. सिर्फ उन्हें खाना दे देना ही हमारी जिम्मेवारी नहीं होती. अगर उन्हें खुला रखना संभव न हो, तब भी नियमत: उन्हें आपको घुमाकर लाना भी आवश्यक होता है. इससे वह अपने बंधने की जगह को गंदा नहीं करते और उनका मन भी प्रसन्न रहता है. उनमें घूमने-टहलने के कारण आक्रामकता नहीं बढ़ती.
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