सावधान!, इमरजेंसी है, ₹1000 भेजो, पुलिस अफसर की प्रोफाइल लगाकर साइबर अपराधियों का नया पैंतरा
किरीबुरू थाना प्रभारी रोहित कुमार के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर साइबर ठग ₹1000 मांग रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से पैसे भेजने, अनजान लिंक खोलने और QR कोड स्कैन करने से बचने की अपील की।

Jamshedpur: पश्चिमी सिंहभूम जिले के किरीबुरू थाना प्रभारी रोहित कुमार के नाम और उनकी आधिकारिक पहचान का गलत इस्तेमाल कर साइबर अपराधियों द्वारा ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शातिर साइबर ठगों ने इंस्टाग्राम पर थाना प्रभारी के नाम से एक फर्जी (फेक) अकाउंट तैयार कर लिया है। इस फर्जी प्रोफाइल के माध्यम से ठग आम लोगों व परिचितों को संदेश भेजकर किसी आपात स्थिति का हवाला दे रहे हैं और झांसे में लेकर आर्थिक मदद के नाम पर पैसों की मांग कर रहे हैं।
युवक को भेजा स्कैनर, समझदारी से टला फर्जीवाड़ा
बीती 19 अगस्त की रात साइबर अपराधियों ने किरीबुरू के एक स्थानीय युवक के इंस्टाग्राम अकाउंट पर थाना प्रभारी की फर्जी आईडी से संदेश भेजा। संदेश में अत्यंत आवश्यक काम का हवाला देते हुए तत्काल एक हजार रुपये भेजने का आग्रह किया गया और भुगतान प्राप्त करने के लिए साथ में एक ऑनलाइन स्कैनर (QR कोड) भी भेजा गया। हालांकि, संदेश की भाषा और असामान्य बातचीत के तरीके से युवक को तुरंत संदेह हो गया। उसने सूझबूझ दिखाते हुए पहचान लिया कि यह संदेश थाना प्रभारी द्वारा नहीं भेजा गया है, जिसके चलते उसने न तो कोई राशि ट्रांसफर की और न ही स्कैनर का इस्तेमाल किया।
थाना प्रभारी ने की पुष्टि, कई परिचितों ने दी फर्जी खाते की सूचना
किरीबुरू थाना प्रभारी रोहित कुमार ने बताया कि उनके कई परिचितों और शुभचिंतकों ने उनसे संपर्क कर उनके नाम से चल रहे फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट की जानकारी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों द्वारा उनकी पहचान और पद का दुरुपयोग कर लोगों को गुमराह करने और अवैध वसूली करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस पदाधिकारी कभी सोशल मीडिया पर नहीं मांगते पैसे: थाना प्रभारी
थाना प्रभारी रोहित कुमार ने आम नागरिकों से पूरी तरह सतर्क और जागरूक रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी पुलिस पदाधिकारी या प्रशासनिक अधिकारी के नाम से सोशल मीडिया पर आपात मदद या पैसों की मांग से संबंधित कोई संदेश मिलता है, तो उस पर कतई भरोसा न करें। किसी भी व्यक्ति को कोई भी राशि भेजने से पूर्व सीधे फोन कॉल कर संदेश की सत्यता की पुष्टि अवश्य कर लें। इसके अलावा, किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने और अनजान स्रोतों से आए क्यूआर कोड को स्कैन करने से बचने की सलाह दी गई है। थोड़ी सी जागरूकता और सतर्कता से साइबर अपराध के जाल से सुरक्षित रहा जा सकता है।
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