फिर दोहराया दिल्ली गैंगरेप जैसा मामला! नाबालिग को जबरदस्ती कार में बैठा ले गए आरोपी
औरंगाबाद के कुटुंबा थाना क्षेत्र में नाबालिग को कार में जबरन ले जाने और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ३ कार सवार आरोपियों ने नाबालिग को जबरदस्ती गाड़ी में बैठाया।


औरंगाबाद। जिले के कुटुंबा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित सामूहिक यौन हिंसा का मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल जा रही नाबालिग को कार सवार तीन युवकों ने रास्ते से जबरन अपने साथ कार में बैठा लिया। कई घंटे बाद उसे उसके घर से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर छोड़कर आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
अस्पताल जाते समय कार में बैठाने का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, नाबालिग लड़की पैदल अस्पताल जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में एक कार में सवार तीन युवकों ने कथित तौर पर उसे जबरन वाहन में बैठा लिया। आरोप है कि इसके बाद तीनों युवक उसे अपने साथ लेकर चले गए। कई घंटे बाद नाबालिग को उसके घर से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर छोड़ दिया गया और आरोपी वहाँ से फरार हो गए। इसके बाद लड़की अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन नाबालिग को लेकर कुटुंबा थाना पहुंचे और पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की। पुलिस ने उपलब्ध जानकारी और शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए प्रिंस कुमार और रौशन कुमार को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, मामले में नामजद तीसरे आरोपी राजू की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी स्थानीय क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
पुलिस कर रही मामले की जांच
कुटुंबा थानाध्यक्ष इमरान आलम ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही फरार आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस घटना के दौरान आरोपियों की गतिविधियों, वाहन और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर सकती है। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नाबालिग की सुरक्षा और जांच पर पुलिस का फोकस
मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस द्वारा पीड़िता की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे मामलों में कानून के तहत पीड़ित नाबालिग की पहचान की गोपनीयता बनाए रखना जरूरी है। वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद वरीय पुलिस अधिकारियों ने भी मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई जारी है।
फिलहाल इस मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। घटना के वास्तविक कारण और पूरी परिस्थितियों का पता पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

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