Andhra Pradesh: दक्षिण भारत स्थित आंध्र प्रदेश में गिरती प्रजनन दर पर राज्य सरकार ने चिंता व्यक्त की है. उन्होंने इसे आर्थिक विकास के लिए खतरा बताया है. साथ ही प्रजनन दर में गिरावट को रोका जा सकें, इसे लेकर मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा में देश की पहली 'जनसंख्या प्रबंधन नीति' का प्रस्ताव रखा है. इसके तहत तीसरे बच्चे के पैदा होने पर सरकार आर्थिक प्रोत्साहन, माता-पिता को विशेष अवकाश (छुट्टियां) और महिलाओं के लिए कई व्यापक सुविधाएं प्रदान करेगी. 
मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा में घोषणा करते हुए कहा है कि अब जनसंख्या में बढ़ोतरी एक वरदान हैं और इसे प्राथमिकता देते हुए सरकार बढ़ावा देने का कार्य करेगी. उन्होंने बताया कि 'जनसंख्या प्रबंधन नीति' को मार्च 2026 के अंत तक अंतिम रुप लेकर 1 अप्रैल 2026 से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य में लगातार गिरती TFR (प्रजनन दर) में सुधार लाना है. 1993 में जो 3.0 थी वह अब घटकर 1.5 रह गई है
'प्रजनन दर में गिरावट से आर्थिक विकास को खतरा'
सीएम एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि प्रजनन दर में गिरावट आर्थिक विकास के लिए खतरा साबित हो सकता है क्योंकि युवा कार्यबल की संख्या में कमी आ रही है. ऐसे में राज्य के इटली, दक्षिण कोरिया और जापान जैसी उम्रदराज आबादी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है. मुख्यमंत्री ने बताया कि सदन में अपनी बात रखते हुए कहा कि साल 2023 की रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में प्रत्येक वर्ष सिर्फ 6.70 लाख जन्म ही दर्ज हो रहे हैं. अगर यही स्थिति बनी रही तो आगामी 2047 तक बुजुर्गों का अनुपात 23 प्रतिशत तक आ जाएगा, जो आर्थिक विकास के लिए खतरा है. इसलिए GSDP (सकल घरेलू उत्पाद को 15 फीसदी तक ले जाने के लिए महिला कार्यबल की भागीदारी को 31% से वृद्धि करके 59% तक करना जरूरी है. जनसंख्या वृद्धि को अब राज्य सरकार एक बोझ के बजाय वरदान के रुप में देख रही है.
तीसरे बच्चे के जन्म पर विशेष पैकेज देगी सरकार
आंध्र प्रदेश सरकार जनसंख्या को प्रोत्साहित करने के लिए 'पोषण-शिक्षा-सुरक्षा' पैकेज के तहत तीसरे बच्चे के जन्म पर 25,000 रुपये का प्रोत्साहन राशि प्रदान करेगी, साथ ही 5 साल तक तीसरे बच्चे को हर महीने 1,000 रुपये देगी. और उसके 18 वर्ष की उम्र तक मुफ्त शिक्षा दी जाएगी. मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सदन में यह भी बताया कि बच्चे के माता को 12 महीने का और पिता को 2 महीने का पितृत्व अवकाश दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि हर महीने चौथे शनिवार को 'जनसंख्या देखभाल' पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा.








