20 दिन से छात्र अनशन पर, अब शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका; आइसा ने दी बड़ी चेतावनी
पटना के गर्दनीबाग में 20 दिनों से आमरण अनशन कर रहे छात्रों के समर्थन में आइसा ने भोजपुर में प्रतिरोध मार्च निकाला। आरा में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का पुतला दहन कर संगठन ने शिक्षा, रोजगार और भर्ती से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा।


पटना के गर्दनीबाग में पिछले 20 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे छात्रों की मांगों के समर्थन में छात्र संगठन आइसा ने रविवार को भोजपुर में विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने शिक्षा और रोजगार के मुद्दे को लेकर प्रतिरोध मार्च निकाला और आरा बस स्टैंड पर बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का पुतला दहन किया।
शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरा
आइसा की ओर से यह प्रतिरोध मार्च भाकपा-माले जिला कार्यालय, श्रीटोला से निकाला गया। मार्च का नेतृत्व आइसा भोजपुर जिला सहसचिव रौशन कुशवाहा ने किया। उन्होंने बिहार की शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा। आइसा नेताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े कई मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन सरकार की ओर से छात्रों की मांगों पर गंभीर पहल नहीं की जा रही है।
संगठन ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में UGC नियमों, BPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं, TRE-4 के नोटिफिकेशन और बिहार SSC की लंबित परीक्षा जैसे मुद्दे उठाए।
20 दिन से अनशन, फिर भी सरकार पर अनदेखी का आरोप
आइसा बिहार उपाध्यक्ष नीतू कुमारी ने कहा कि पटना के गर्दनीबाग में छात्र लगातार 20 दिनों से अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि धरना स्थल से कुछ ही दूरी पर मंत्रियों के आवास हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई प्रतिनिधि छात्रों से मिलने नहीं पहुंचा। उन्होंने सरकार से आंदोलनरत छात्रों की मांगों पर जल्द बातचीत करने की अपील की।
‘समय रहते मांगें मानें, नहीं तो आंदोलन होगा तेज’
जैन कॉलेज की आइसा नेत्री वर्षा ने भी सरकार और शिक्षा मंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को नजरअंदाज करने के बजाय सरकार को उनसे बातचीत करनी चाहिए। आइसा नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर छात्रों की मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
प्रतिरोध मार्च और पुतला दहन कार्यक्रम में भोजपुर जिला सचिव जयशंकर प्रसाद, जिला अध्यक्ष विकास कुमार, महाराजा कॉलेज सचिव राजेश कुमार, राज्य उपाध्यक्ष नीतू कुमारी समेत दर्जनों छात्र कार्यकर्ता मौजूद रहे।फिलहाल आइसा ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के शिक्षा, रोजगार और भर्ती से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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