₹266 की यूरिया ₹400-500 में बेचने के आरोप, कालाबाजारी और नेपाल तस्करी के आरोपों से कृषि विभाग सवालों के घेरे में
पूर्वी चंपारण में किसानों ने आरोप लगाया है कि ₹266 प्रति बोरा की सरकारी दर वाली यूरिया ₹400 से ₹500 में बेची जा रही है। किसानों ने कालाबाजारी और नेपाल तस्करी के आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।


मोतिहारी: पूर्वी चंपारण जिले में धान की खेती के लिए सबसे जरूरी यूरिया खाद को लेकर किसानों में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। किसानों का कहना है कि सरकार ने जो ₹266 प्रति बोरा की दर तय की है, वो असल में उपलब्ध नहीं हो रही। इसके बजाय, कई लाइसेंसधारी खाद विक्रेता ₹400 से ₹500 प्रति बोरा तक वसूल रहे हैं। इन आरोपों के चलते जिले में कालाबाजारी और नेपाल से तस्करी के मुद्दे पर कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। किसानों का कहना है कि जब वे सरकारी दर पर यूरिया मांगते हैं, तो दुकानदार अक्सर स्टॉक खत्म होने की बात कहते हैं, लेकिन जब अधिक कीमत देने की बात आती है, तो तुरंत खाद उपलब्ध करा देते हैं।
'सरकारी आपूर्ति के बावजूद किसानों को नहीं मिल रही यूरिया'
किसानों का कहना है कि सरकार ने यूरिया की पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति की है, फिर भी उन्हें निर्धारित कीमत पर खाद नहीं मिल रही है। उनका आरोप है कि आपूर्ति व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं और कुछ खाद विक्रेता मनमानी कीमतें वसूल कर रहे हैं। कुछ किसानों ने यह भी कहा कि इस मामले में संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
नेपाल सीमा से सटे इलाकों में तस्करी के भी आरोप
किसानों और स्थानीय लोगों का कहना है कि नेपाल सीमा से सटे प्रखंडों जैसे आदापुर, छौड़ादानो, बनकटवा और घोड़ासहन में यूरिया की कालाबाजारी एक गंभीर समस्या बन गई है। उनका आरोप है कि कुछ लाइसेंसधारी दुकानदार कथित तौर पर तस्करों के जरिए यूरिया नेपाल भेज रहे हैं, जिससे स्थानीय किसानों को उनकी जरूरत के समय खाद नहीं मिल पा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और कृषि विभाग ने भी अब तक इस पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद बढ़ा विवाद
मामला तब और गरमाया जब सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल होने लगे। इन वीडियो में कुछ किसान कैमरे के सामने यह दावा करते नजर आ रहे हैं कि जिले के विभिन्न इलाकों में यूरिया की कीमत ₹400 से ₹500 प्रति बोरा तक पहुंच गई है। इन वीडियो के सामने आने के बाद किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस बीच, प्रशासन की ओर से इन आरोपों की जांच के बारे में आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
(मोतिहारी से प्रतिक सिंह की रिपोर्ट)

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