निरसा में कोयला के बाद बालू का अवैध कारोबार चरम पर, खाखी से लेकर खादी है शामिल
निरसा में अवैध बालू का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है. धनबाद जिला पुलिस के नाक के नीचे से प्रत्येक दिन डेढ़ सौ से अधिक बालू अवैध तरीके से बंगाल पहुंचाया जा रहा है लेकिन पुलिस इसपर कोई कार्रवाई करती नहीं दिख रही है.

Special News (Nirsa): धनबाद जिले के निरसा पुलिस अनुमंडल में बालू का अवैध कारोबार चरम पर है और पंडरा-बेजरा से लेकर मैथन, चिरकुंडा व पंचेत क्षेत्र से प्रतिदिन 150 से अधिक ट्रक बालू अवैध तरीके से बंगाल भेजा जा रहा है. 16 चक्का, 18 चक्का और हाइवा के द्वारा बालू बंगाल जा रहा है. दिन के उजाले में सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर बराकर नदी से बालू उठाकर जमा करता है जिसे पोकलेन और जेसीबी के माध्यम से ट्रक, हाइवा में लोड कर शाम ढलते ही बंगाल भेजा जाता है.
सूत्रों के अनुसार, इस अवैध कारोबार में कई राजनीतिक दल के कार्यकर्ता और कुछ चुने हुए जन प्रतिनिधि के भी शामिल होने की सूचना है जो सोचने वाली बात है. यानी पुलिस, प्रशासन, खनन विभाग व जन प्रतिनिधियों की चौकड़ी इस अवैध कारोबार को फलने-फूलने में सहायक सिद्ध हो रहा है. एक 16 चक्का ट्रक पर लगभग 10 ट्रैक्टर बालू लोड होता है. कारोबारी प्रति ट्रैक्टर 1000-1500 रुपया ट्रैक्टर वालों को देते हैं जबकि प्रति ट्रक से 40-45 हजार रुपए में बेचा जा रहा है. यहां तक कि कुछ अवैध कोयला कारोबारी भी कोयला का मंदा बाजार देख बालू कारोबार में हाथ आजमा रहे है.
मैथन ओपी क्षेत्र में चार स्थानों पर बालू का स्टॉक किया जा रहा है. ओपी क्षेत्र के पोड़ाडीह रोड में एस तिवारी और आर सिंह, हाइवे पार्किंग के बगल में पुराने चेकपोस्ट के समीप बी चौधरी, एम सिंह, ए पांडे, मुकुल पेट्रोल पंप के पास बरजोर घाट अख्तर और टूनापारा में सोरेन, मरांडी, सिंह जी सहित अन्य कारोबारी इस अवैध कारोबार में संलिप्त हैं.
रिपोर्ट- बंटी झा
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