गिरिडीह के एक पति-पत्नी को पाया गया 10 साल पुराने हत्याकांड मामले में दोषी, 7 वर्ष कटेगी जेल में जिंदगी
गिरिडीह के जिला सत्र न्यायालय ने दस वर्ष पहले के हत्याकांड मामले में एक पति पत्नी के जोड़े को दोषी पाते हुए, 7 साल की सजा सुनाई है.

Jharkhand (Giridih): गिरिडीह के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रीति कुमारी के न्यायालय ने गैर इरादतन हत्याकांड मामले में फैसला सुनाया है. आरोपी पति और पत्नी तेजन हज्जाम और उर्मिला देवी को सात साल की सजा सुनाई है. प्रीति कुमारी के न्यायालय ने गैर इरादतन हत्या की धारा 304 में बेंगबाद थाना इलाके के बनकुदर गांव निवासी तेजम हज्जाम और उसकी पत्नी उर्मिला देवी को सजा सुनाई है.
सजा सुनाते ही आरोपी महिला उर्मिला देवी फूट-फूट कर रो पड़ी. हालांकि बचाव पक्ष के वकील आजम खान सूरी के जिरह और अपील के बाद भी सरकारी वकील सुरेश मरांडी की जिरह के आधार पर न्यायालय ने दोनों की सजा को बरकरार रखा और आरोपियों को जेल भेज दिया गया.
जानकारी के अनुसार गैर इरादतन हत्या का यह मामला दस साल पहले साल 2016 का जिले के बेंगाबाद थाना इलाके के बनुकदर गांव से जुड़ा हुआ है. जहां मृतक जीतन राणा के मवेशी उर्मिला देवी और तेजन हज्जाम के खेत में घुस गए. इस दौरान जब दोनों पति पत्नी ने जीतन राणा से इस विषय में शिकायत की, तो मृतक ने उर्मिला देवी के साथ छेड़खानी की. जिसका विरोध होने के बाद दोनों पति पत्नी का जीतन राणा के साथ विवाद शुरू हो गया. इसी दौरान जीतन राणा को पीट कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया गया.
इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई. करीब दस साल बाद प्रीति कुमारी के न्यायालय ने दोनों को बहस के बाद गैर इरादतन हत्याकांड में आरोपी माना और गुरुवार को दोनों को सजा सुनाई गई.
रिपोर्ट: मनोज कुमार पिंटू
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