Jharkhand Assembly Budget Session 2026: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राज्य में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर जोरदार बहस हुई. नौबत ये तक आ गई कि विधानसभा के स्पीकर रवींद्रनाथ महतो विपक्ष के विधायक को मार्शल आउट करने लगे. दरअसल, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सदन में विधि व्यवस्था पर चर्चा की मांग की. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सदन में दुमका में मजदूर यूनियन के नेता की हत्या को लेकर राज्य की विधि व्यवस्था पर सवाल उठाये. इसके साथ ही उन्होंने गिरिडीह डीसी, ईटखोरी सीओ और रजरप्पा मंदिर में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए स्पीकर से सदन में चर्चा की मांग की.
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की इस मांग पर संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर जवाब दे ही रहे थे कि विपक्ष की तरफ से मांडू विधायक निर्मल महतो ने विरोध करना शुरू कर दिया. संसदीय कार्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि सदन में नेता प्रतिपक्ष ऐसी मांग के जरिए अखबारों में जगह पाना चाहते हैं मंत्री के इस जवाब के बीच निर्मल महतो ने जैसे ही विरोध किया तो सत्ता पक्ष की तरफ से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने निर्मल महतो को बैठने की सलाह दी. लेकिन मंत्री की तरफ से विपक्ष विधायक को सलाह देने का ये तरीका विपक्ष को पसंद नहीं आया.
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार हंगामे के बीच मोर्चा आखिरकार स्पीकर ने संभाल तो लिया, लेकिन विपक्ष के विधायक निर्मल महतो मानने को तैयार नहीं हुए. आखिरकार हंगामे को बढ़ता देख स्पीकर ने सदन से निर्मल महतो को मार्शल आउट करने की चेतावनी दी. लेकिन मामला यहां रुका नहीं., विरोध अब सीधे-सीधे मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और हटिया विधायक नवीन जायसवाल के बीच आ पहुंचा. नवीन जायसवाल ने मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के इस रवैये का खुलकर विरोध किया और साफ शब्दों में कहा कि सदन में मंत्री का इस तरह का आचरण सही नहीं है. 








