तमिलनाडु में 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा, 1.40 करोड़ रुपए का लगाया गया जुर्माना
तमिलनाडु में मदुरै के एक स्पेशल कोर्ट ने 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा और उनपर कुल 1.40 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है.

Tamilnadu News: तमिलनाडु के मदुरै की एक स्पेशल कोर्ट ने 6 अप्रैल 2026 को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 9 लोगों को फांसी की सजा के साथ उनपर भारी जुर्माना लगाया है. यह पूरा मामला सातानुकुलम पुलिस स्टेशन का है जहां पुलिस ने पिता-पुत्र को हिरासत में लिया था और इसके बाद उनकी बुरी तरह से पिटाई कर दी थी जिससे दोनों की मौत हो गई थी.
बता दें, कोरोना काल के दौरान 19 जून 2020 को तूतीकोरिन जिले स्थित सातानुकुलम के व्यवसायी जयराज (58 वर्ष) और उनके बेटे बेनिक्स (31 वर्ष) को पुलिस ने हिरासत में लिया था जानकारी के मुताबिक, निर्धारित समय से अधिक देर तक अपनी मोबाइल दुकान खुली रखने के आरोप के बाद पुलिस ने पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया था बताया जाता है कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जेल में दोनों की बेरहमी से पिटाई की थी. जिसके बाद दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा था.
जानकारी के अनुसार, 21 जून 2020 को दोनों पिता-पुत्र को कोविलपट्टी जेल में रखा गया. इस दौरान 22 जून की रात लगभग 9 बजे बेनिक्स की मौत हुई, जबकि पिता जयराज ने अगली सुबह 23 जून को दम तोड़ा. इस घटना ने पूरे देश में हंगामा खड़ा कर दिया था. जिसके बाद मामले को खुद संज्ञान में लेते हुए मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी. और इसके सीबीआई को यह मामला सौंपा गया.
मामले में मुख्य अभियुक्त सातानुकुलम के थाना के इंस्पेक्टर श्रीधर और कई अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया. जिसके बाद मामले में कार्रवाई करते हुए सभी 10 अभियुक्तों को सस्पेंड करने के बाद गिरफ्तार किया गया. और उन्हें मदुरै सेंट्रल जेल में रखा गया. इन अभियुक्तों में एक पालदुरई की कोविड की वजह से अगस्त 2020 में मौत हुई.
इस पूरे मामले में सीबीआई ने दो हिस्सों में करीब 2,427 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. मामले में मदुरै की फर्स्ट एडिशनल सेशंस कोर्ट में सुनवाई हुई. और इस दौरान कोर्ट ने सभी अभियुक्तों की जमानत याचिका खारिज की. इसके बाद 23 मार्च को कोर्ट ने सभी को दोषी ठहराया और सोमवार (6 अप्रैल 2026) को सजा की घोषणा की.
1.40 करोड़ रुपए का कोर्ट ने लगाया जुर्माना
मामले में सुनवाई के दौरान मदुरै के प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश जी. मुथुकुमारन ने मामले को ''दुर्लभ से दुर्लभतम'' (रैरेस्ट ऑफ रेयर) करार दिया. और इंस्पेक्टर श्रीधर सहित सभी 9 दोषी पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा के साथ 1.40 करोड़ रुपए का भारी जुर्माना भी लगाया, जिसे मुआवजे के रूप में पीड़ित परिवार को दिया जाएगा. कोर्ट ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन पुलिसकर्मियों पर थी. उन्होंने ही निहत्थे नागरिकों के साथ क्रूरता की, जो समाज की अंतरात्मा को झकझोर देने वाला कृत्य है.
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