यह गुंडागर्दी JMM की सेहत के लिए ठीक नहीं!, राहुल-हेमंत का पुतला फूंक रहे छात्रों पर हमले से भड़के बाबूलाल मरांडी
झारखंड में छात्रों पर कथित हमले को लेकर बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर हमला बोला। उन्होंने नकाबपोश हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

Jharkhand News : झारखंड में भर्ती परीक्षाओं के विरोध और आंदोलन को लेकर सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। हजारीबाग, गिरिडीह और राजधानी रांची में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित हमले के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस पूरे वाकये को बेहद शर्मनाक, दमनात्मक और लोकतंत्र की हत्या का प्रयास करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में सत्ताधारी दल के लोगों ने मास्क पहनकर छात्रों पर लाठियां बरसाई हैं।
'पुतला दहन कर रहे युवाओं पर मास्क पहनकर हुआ हमला'
बाबूलाल मरांडी ने सिलसिलेवार तरीके से घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य के युवा आंदोलन को धोखे और साजिश के तहत प्रभावित किए जाने के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे। अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत छात्र राहुल गांधी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने जा रहे थे। इसी दौरान हजारीबाग के गांधी मैदान, गिरिडीह और रांची में नकाबपोश तत्वों ने लाठियों से लैस होकर प्रदर्शनकारी छात्रों पर सीधा हमला बोल दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब छात्र पूरी तरह से शांतिपूर्ण थे, तब उन पर इस तरह का जानलेवा हमला किसकी शह पर किया गया?
'बदले की भावना में इस हद तक उतर गई सरकार'
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार की यह फितरत अब पूरा देश जान चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब छात्र एकजुट थे, तब सरकार के पास उनसे बात करने की हिम्मत नहीं थी, लेकिन अब योजनाबद्ध तरीके से राज्य के युवाओं को डराने और पिटवाने का खेल खेला जा रहा है। मरांडी ने कहा कि परीक्षाओं में हुए छल और कोर्ट में ढीले पक्ष के बाद युवाओं का आक्रोशित होना जायज था, फिर भी वे अपनी बात शांतिपूर्वक रख रहे थे। लेकिन सत्ता के संरक्षण में जिस तरह की गुंडागर्दी सरेआम की गई, वह निंदनीय है।
'गांव-गांव से नौजवान निकले तो कहीं नजर नहीं आएंगे गुंडे'
राज्य के माहौल पर चिंता जताते हुए बाबूलाल मरांडी ने सचेत किया कि सरकार खुद चाहती है कि राज्य में शांति के बजाय अराजकता, मारपीट और संघर्ष की स्थिति बने। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जिस गलत रास्ते पर यह सरकार चल पड़ी है, वह राज्य के साथ-साथ खुद झामुमो (JMM) के राजनीतिक भविष्य के लिए भी बिल्कुल ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर इस अन्याय के खिलाफ राज्य के गांव-गांव से युवा सड़कों पर निकल पड़े, तो फिर इस तरह की हरकतें करने वाले कहीं नजर नहीं आएंगे।
पुलिस-प्रशासन को अल्टीमेटम, हमलावरों की तुरंत हो गिरफ्तारी
अपने बयान के अंत में बाबूलाल मरांडी ने पुलिस और जिला प्रशासन से सख्त मांग की कि वे बिना किसी राजनीतिक दबाव के छात्रों पर हमला करने वाले सभी नकाबपोशों और उपद्रवियों को तुरंत चिन्हित कर सलाखों के पीछे भेजें। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने इस मामले में ढिलाई बरती या कायरता दिखाई, तो युवाओं और विपक्ष की तरफ से इसका करारा और मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
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