JPSC-JSSC परीक्षा रद्द करने के फैसले पर नहीं लगेगी रोक, झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
JPSC-JSSC की 22 प्रतियोगी परीक्षाएं रद्द करने के सरकार के फैसले पर झारखंड हाईकोर्ट ने तत्काल रोक से इनकार किया। अदालत ने सरकार से जवाब मांगा, अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।

Jharkhand High Court : राज्य सरकार द्वारा पिछले दिनों JPSC और JSSC की 22 प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द किए जाने के आदेश पर तत्काल रोक लगाने से झारखंड हाईकोर्ट ने साफ इनकार कर दिया है। सरकार के इस बड़े फैसले के खिलाफ अभ्यर्थियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन पहली सुनवाई में उन्हें अदालत से कोई अंतरिम राहत नहीं मिल सकी। अदालत ने स्पष्ट किया कि वह सरकार का पक्ष सुने बिना इस आदेश पर रोक नहीं लगाएगी।
सिविल जज परीक्षा रद्द होने के खिलाफ दाखिल की गई थी याचिका
यह पूरा मामला मुख्य रूप से सिविल जज परीक्षा को अचानक रद्द किए जाने से जुड़ा है। राज्य सरकार के इस निर्णय से प्रभावित राहुल सिंह, श्वेताभ पांडेय और लगभग एक दर्जन अन्य अभ्यर्थियों ने संयुक्त रूप से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि बिना किसी ठोस आधार के चल रही भर्ती प्रक्रियाओं और परीक्षाओं को पूरी तरह निरस्त करना अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, इसलिए सरकार के आदेश पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जानी चाहिए।
जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में हुई सुनवाई, सरकार से मांगा जवाब
याचिकाकर्ताओं के मामले की सुनवाई सोमवार को हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस दीपक रोशन की एकल पीठ में हुई। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने याचिकाकर्ताओं की ओर से तुरंत स्टे लगाने की मांग को नामंजूर कर दिया। अदालत ने इस पूरे विवाद पर राज्य सरकार को अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने का कड़ा निर्देश दिया है ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके।
अब 29 सितंबर को होगी मामले की अगली सुनवाई
अदालत ने सरकार को अपना पक्ष रखने का समय देते हुए मामले की अगली तारीख तय कर दी है। राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक जवाब दाखिल किए जाने के बाद अब इस संवेदनशील मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी। इस दिन तय होगा कि सरकार की दलीलों के बाद अदालत परीक्षाओं को रद्द रखने के फैसले को बरकरार रखती है या अभ्यर्थियों के पक्ष में कोई राहत भरा आदेश जारी करती है।
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.






