खतरे के साये में पढ़ाई: हिसरा कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं ने उपायुक्त से लगाई गुहार
पांडू +2 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में छात्राएं बुनियादी सुविधाओं के अभाव और जर्जर भवन के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विद्यालय की छात्राओं ने पेयजल संकट, भवन की खराब स्थिति और सुरक्षा संबंधी समस्याओं को लेकर पलामू उपायुक्त से हस्तक्षेप की मांग की है।

Jharkhand Palamu : पांडू प्रखंड के हिसरा स्थित +2 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में छात्राएं बुनियादी सुविधाओं के अभाव और जर्जर भवन के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विद्यालय की छात्राओं ने पेयजल संकट, भवन की खराब स्थिति और सुरक्षा संबंधी समस्याओं को लेकर पलामू उपायुक्त से हस्तक्षेप की मांग की है।
छात्राओं का कहना है कि विद्यालय भवन की छत कई जगहों पर जर्जर हो चुकी है। बरसात के मौसम में कमरों की छत से पानी टपकता है, जिससे कक्षाओं के संचालन के साथ-साथ छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को भी काफी परेशानी होती है। उनका कहना है कि हर बारिश के साथ किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है और वे भय के माहौल में पढ़ाई करने को विवश हैं।
विद्यालय में पेयजल की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। छात्राओं के अनुसार पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण दैनिक कार्यों और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में कठिनाई होती है। आवासीय विद्यालय होने के कारण पानी की मांग अधिक रहती है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था छात्राओं की जरूरतों के अनुरूप नहीं है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी छात्राओं ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि बाथरूम के समीप बनी बाउंड्री वॉल काफी नीची है। जिस दिशा में बाथरूम स्थित है, उसी ओर से लोगों का आवागमन भी होता है, जिससे छात्राओं की निजता और सुरक्षा प्रभावित होती है। उन्होंने बाउंड्री वॉल की ऊंचाई बढ़ाने की मांग की है।
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति और पेयजल संकट को लेकर संबंधित विभाग को कई बार लिखित रूप से अवगत कराया गया है। आवश्यक कार्रवाई के लिए आवेदन भी भेजा गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन लगातार समस्याओं के समाधान का प्रयास कर रहा है।
छात्राओं का कहना है कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत, पेयजल व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने पलामू उपायुक्त से विद्यालय की स्थिति की जांच कराते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की है, ताकि छात्राओं को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके।
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