Mizoram में शुरू हुआ खेत बचाओ अभियान , प्राकृतिक खेती पर ज़ोर
खेती की जमीन को सुरक्षित रखने के लिए मिजोरम में नई पहल शुरू। मृदा परीक्षण और जैविक खेती को बढ़ावा देने पर रहेगा फोकस।


मिज़ोरम के राज्यपाल डॉ. विजय कुमार सिंह ने आज लोक भवन आइजोल मे खेत बचाओ अभियान का शुभारंभ किया ।यह अभियान कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की एक पहल है, जिसका उद्देश्य मिट्टी को बचाना, रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करना और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि अधिक उत्पादन की दौड़ में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बढ़ते इस्तेमाल से कृषि भूमि की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने किसानों से मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का उपयोग करने और धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) को किसानों को सही तकनीकी मार्गदर्शन देना चाहिए।
राज्यपाल ने बताया कि मिजोरम की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है और यहाँ पहाड़ी क्षेत्रों में झूम खेती की परंपरा के कारण मिट्टी में पोषक तत्वों का संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में किसानों को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों का प्रशिक्षण, बेहतर बाजार सुविधाएं और उच्च मूल्य वाली जैविक फसलों के उत्पादन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, इंफाल के कुलपति डॉ. अनुपम मिश्रा ने कहा कि अभियान के तहत किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसमें सॉयल हेल्थ कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, किसान आईडी और फसल बीमा जैसी योजनाएं शामिल हैं।
जून माह भर चलने वाले इस अभियान के दौरान कृषि वैज्ञानिक, केवीके अधिकारी और राज्य सरकार के प्रतिनिधि किसानों के लिए प्रशिक्षण, सेमिनार और प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित करेंगे। साथ ही हरी खाद, जैव उर्वरक और अन्य जैविक पोषक स्रोतों को बढ़ावा देकर मिट्टी की सेहत सुधारने और किसानों की आय बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।

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