जमशेदपुर में मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर, 1000 से ज्यादा घरों में घुसा पानी और अलर्ट जारी
लौहनगरी जमशेदपुर और इसके आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से जारी भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसे गंभीर हालात बन गए हैं।


Jamshedpur: लौहनगरी जमशेदपुर और इसके आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से जारी भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसे गंभीर हालात बन गए हैं। शहर के बीच से बहने वाली स्वर्णरेखा और खरकई नदियां रौद्र रूप धारण कर चुकी हैं। नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने तटीय और निचले इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं।
खतरे के निशान से 4.5 मीटर ऊपर बह रही खरकई, चांडिल-गालूडीह के 45 फाटक खुले
स्थिति की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खरकई नदी खतरे के निशान से करीब 4.50 मीटर ऊपर और स्वर्णरेखा नदी डेंजर लेवल से 1.24 मीटर ऊपर बह रही है। बढ़ते दबाव को कम करने के लिए चांडिल डैम, गालूडीह बराज और ओडिशा के बांध-बैराजों के 45 से अधिक गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। इसके बावजूद दोनों नदियों का उफान थमने का नाम नहीं ले रहा है।
मानगो, बागबेड़ा और कदमा में जलभराव, 1000 से अधिक परिवार प्रभावित
नदियों के बैकवॉटर और स्थानीय नालों के उफनाने से बागबेड़ा, मानगो, जुगसलाई, दाईगुट्टू, भुईयांडीह और कदमा के निचले इलाकों में पानी भर गया है। लगभग 1000 से अधिक घरों और दुकानों में बाढ़ का पानी घुसने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है और लोगों का भारी नुकसान हुआ है।
NDRF और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर
बढ़ते जलस्तर और बिगड़ती स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमों को राहत व बचाव कार्य के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है। तटीय बस्तियों में लाउडस्पीकर के जरिए मुनादी कर लोगों से तुरंत सुरक्षित शरणस्थलों में पहुंचने की अपील की जा रही है।

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